महासमुंद के लखनपुर में दिखा राजकीय पशु ‘वनभैंसों’ का झुंड, ग्रामीणों में कौतूहल और वन विभाग अलर्ट
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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महासमुंद के लखनपुर में दिखा राजकीय पशु ‘वनभैंसों’ का झुंड, ग्रामीणों में कौतूहल और वन विभाग अलर्ट
महासमुंद/झलप: छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु और दुर्लभ प्रजाति ‘वनभैंसा’ (वाइल्ड वॉटर बफेलो) इन दिनों महासमुंद जिले के झलप क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के ग्राम लखनपुर में वनभैंसों का एक झुंड देखे जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह झुंड सबसे पहले मुंगई माता मंदिर के पास के जंगलों में देखा गया था।

बारनवापारा से भटककर पहुँचने की आशंका
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह झुंड संभवतः बारनवापारा अभयारण्य की सीमाओं से भटककर रिहाइशी इलाकों के करीब पहुँचा है। अपनी विशाल काया और मजबूत सींगों के लिए पहचाने जाने वाले इन दुर्लभ जीवों को देखने के लिए स्थानीय लोगों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है।
वन विभाग की चेतावनी: दूरी बनाए रखें
वनभैंसा एक बेहद संवेदनशील और आक्रामक स्वभाव वाला वन्यजीव है। इसे देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार झुंड की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे वनभैंसों के पास जाने या उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे वन्यजीव भड़क सकते हैं और कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
पर्यावरण संतुलन का संकेत
छत्तीसगढ़ में वनभैंसों की संख्या बेहद सीमित है, जिसके कारण इन्हें विशेष संरक्षण प्राप्त है। जानकारों का कहना है कि वन्यजीवों का जंगलों से निकलकर मानवीय बस्तियों की ओर आना पर्यावरणीय बदलाव और वन्यजीवों के विस्तृत होते दायरे का संकेत है। फिलहाल, विभाग की प्राथमिकता इन दुर्लभ जीवों को सुरक्षित वापस घने जंगलों की ओर भेजने की है।





