भिलाई हत्याकांड: 6 दोषियों को 10-10 साल की जेल, कोर्ट ने माना ‘गैर इरादतन हत्या’
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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भिलाई हत्याकांड: 6 दोषियों को 10-10 साल की जेल, कोर्ट ने माना ‘गैर इरादतन हत्या’
दुर्ग। भिलाई के बहुचर्चित अब्दुल ग्यासू उर्फ बाबा कुरैशी हत्याकांड में दुर्ग की जिला अदालत ने साढ़े तीन साल बाद अपना फैसला सुना दिया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार कोशले की अदालत ने मामले के सभी 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
इरादतन हत्या नहीं, आवेश में हुई घटना
अदालत ने इस मामले को धारा 302 (हत्या) के बजाय धारा 304 भाग-2 (गैर इरादतन हत्या) की श्रेणी में रखा। कोर्ट ने अपने टिप्पणी में कहा कि “मनुष्य झूठ बोल सकता है, लेकिन परिस्थितियां नहीं।” साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि आरोपियों का ग्यासू को जान से मारने का कोई पूर्व नियोजित इरादा नहीं था। विवाद अचानक गाड़ी खराब होने और धक्का लगाने की बात पर शुरू हुआ, जिसने हिंसक रूप ले लिया।
इन दोषियों को मिली सजा
कोर्ट ने भूपेश देवदास, ब्रिजेश उर्फ बिजू, हरीश कुमार घृतलहरे, समीर खान उर्फ अमन, अजय उर्फ अज्जू भदौरिया और पंकज कुमार लाउत्ररे को सजा सुनाई है। जेल के साथ ही प्रत्येक पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
क्या था पूरा मामला?
घटना 20 सितंबर 2022 की रात करीब 11 बजे की है। वैशाली नगर के भगत सिंह चौक के पास कार खराब होने पर आरोपियों और अब्दुल ग्यासू के बीच विवाद हुआ। बात इतनी बढ़ी कि आरोपियों ने ईंट और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही ग्यासू की मौत हो गई थी।
युवावस्था का मिला लाभ
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी युवा हैं और यह उनका पहला अपराध है। अदालत ने उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए और घटना के अचानक होने की परिस्थिति को देखते हुए सजा निर्धारित की। 14 दिसंबर 2022 से शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को फैसले के साथ समाप्त हुई।





