नवा रायपुर में देश का पहला AI आधारित डेटा सेंटर: छत्तीसगढ़ में तकनीकी क्रांति का आगाज़, हज़ारों युवाओं को मिलेगा रोज़गार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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नवा रायपुर में देश का पहला AI आधारित डेटा सेंटर: छत्तीसगढ़ में तकनीकी क्रांति का आगाज़, हज़ारों युवाओं को मिलेगा रोज़गार
रायपुर: छत्तीसगढ़ अब देश के नक्शे पर एक बड़े ‘डिजिटल हब’ के रूप में उभरने के लिए तैयार है। नवा रायपुर के सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में फैला देश का पहला एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित डेटा सेंटर आगामी अप्रैल महीने से शुरू होने जा रहा है। लगभग एक हजार करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह प्रोजेक्ट प्रदेश की तकनीकी पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
युवाओं का पलायन रुकेगा, खुलेंगे करियर के नए द्वार
इस डेटा सेंटर के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के युवाओं को अब आईटी सेक्टर में करियर बनाने के लिए बड़े शहरों (जैसे बेंगलुरु या हैदराबाद) का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहाँ आईटी इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और नेटवर्क मैनेजर जैसे उच्च स्तरीय पदों पर हज़ारों भर्तियां होंगी। साथ ही, स्थानीय आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्रों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे वैश्विक स्तर की तकनीक से जुड़ सकेंगे।
किसानों और आम जनता के लिए ‘स्मार्ट’ बदलाव
यह डेटा सेंटर सिर्फ तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों और आम नागरिकों को भी मिलेगा।
स्मार्ट खेती: एआई तकनीक के जरिए किसानों को मौसम की सटीक जानकारी, मृदा परीक्षण और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा।
बेहतर सुविधाएं: दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन माध्यम से तेजी से पहुंच सकेगा।
निवेश और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा
नवा रायपुर का यह सेंटर स्टार्टअप्स और रिसर्च कंपनियों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनेगा। ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के मजबूत होने से प्रदेश में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, आने वाले 6 महीनों में नवा रायपुर में 40 ई-बसें शुरू होने से यहाँ आवागमन भी आसान हो जाएगा, जिससे इस तकनीकी हब की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।





