सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: रायपुर में 7.73 लाख लंबित ई-चालानों की वसूली की तैयारी, बिना जुर्माना भरे न मिलेगा बीमा, न होगी पीयूसी और सर्विसिंग

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान की रिपोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: रायपुर में 7.73 लाख लंबित ई-चालानों की वसूली की तैयारी, बिना जुर्माना भरे न मिलेगा बीमा, न होगी पीयूसी और सर्विसिंग

रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक नियमों का मज़ाक उड़ाने वाले और ई-चालान दबाकर बैठने वाले वाहन चालकों पर अब तक की सबसे बड़ी गाज गिरने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और सख्त दिशा-निर्देशों के बाद ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। रायपुर में लंबित 7.73 लाख ई-चालानों की वसूली के लिए पुलिस ने ऑटोमोबाइल डीलरों, पीयूसी (प्रदूषण जांच) सेंटरों और बीमा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं—बिना बकाया चालान जमा किए ऐसे वाहनों को बीमा, सर्विसिंग या पीयूसी सर्टिफिकेट जैसी कोई सुविधा नहीं दी जाएगी।

लंबित चालान नहीं पटाया तो रुकेंगी ये 6 सेवाएं

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को ई-चालान की वसूली के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जुर्माना न भरने की स्थिति में निम्नलिखित सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी:

आरसी (RC) और ऑनरशिप ट्रांसफर: गाड़ी का मालिकाना हक किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं होगा।

फिटनेस एवं ऑनलाइन सेवाएं: आरटीओ (RTO) से जुड़ी सभी डिजिटल और प्रशासनिक सेवाएं बंद रहेंगी।

बीमा, पीयूसी और सर्विसिंग: बीमा कंपनियां रिन्यूअल नहीं करेंगी, पीयूसी सेंटर जांच प्रमाणपत्र नहीं देंगे और गैरेज सर्विसिंग रोकेंगे।

गाड़ी ज़ब्ती व लाइसेंस निरस्त: बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित होंगे और वाहन ज़ब्त किए जा सकते हैं।

बिजली बिल में जुर्माने का सुझाव: कोर्ट ने बकाया चालान की राशि को बिजली बिल में जोड़कर भेजने तक का सुझाव दिया है।

अजीबो-गरीब मामला: 95 हजार की बाइक, चालान थोपा 1.77 लाख का

शहर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रायपुर में एक बाइक चालक पर 36 बार ई-चालान दर्ज हो चुका है। गाड़ी की मौजूदा कीमत करीब 95,000 रुपये है, लेकिन उस पर जुर्माने की कुल राशि बढ़कर 1.77 लाख रुपये हो चुकी है।

लापरवाही से वाहन चलाने पर पहली बार 2,000 रुपये और हर अगली बार 5,000 रुपये का दंड तय है। शहर में ऐसे 737 वाहन चिह्नित किए गए हैं, जिन पर 44,175 रिपीटेड (बार-बार किए गए उल्लंघन) चालान दर्ज हैं।

चौराहों पर चेकिंग बंद, अब डिजिटल चालान से कसा शिकंजा

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद सड़कों पर गाड़ियां रोककर की जाने वाली चेकिंग में कमी आई है। अब पूरा ज़ोर डिजिटल सर्विलांस पर है।

3 घंटे की विशेष चेकिंग: सड़कों पर पुलिस अब केवल रात में 3 घंटे ड्रंक एंड ड्राइव (नशे में गाड़ी चलाना) और ट्रिपल राइडिंग पर सीधी कार्रवाई कर रही है।

कंट्रोल रूम से ई-चालान: 28 प्रमुख चौक-चौराहों को चिन्हित किया गया है, जहां से फोटो-वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम भेजे जा रहे हैं।

रोज़ाना 5,000 चालान: शहर में रोज़ाना औसतन 5,000 ई-चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन भुगतान की दर चिंताजनक रूप से केवल 25% ही है।

आंकड़ों की ज़बानी: ई-चालान और मौके पर कार्रवाई का ब्योरावर्षई-चालान (गाड़ियाँ)ई-चालान जुर्माना (करोड़ ₹)मौके पर कार्रवाई (गाड़ियाँ)ऑन-स्पॉट जुर्माना (करोड़ ₹)

202121,9911.3045,0721.61

202232,8712.1355,3122.64

202361,9016.1249,1306.87

202454,6896.9842,4983.77

202594,0000.8153,0003.63

कुल2,65,45217.342,45,01218.52(नोट: वर्तमान में रायपुर में कुल 7.43 लाख गाड़ियों के चालान पेंडिंग हैं, जिनमें से 1.31 लाख चालान कोर्ट भेजे जा चुके हैं। पेंडिंग चालानों में से 53% मामले दो साल से भी पुराने हैं।)

लोक अदालत में मिल रही है राहत

हर साल औसतन 40 फीसदी चालान पेंडिंग रह जाते हैं (पिछले साल 67% लोगों ने जुर्माना नहीं भरा था)। ऐसे मामलों के निपटारे के लिए नेशनल लोक अदालत का सहारा लिया जा रहा है, जहाँ अदालत वाहन मालिक का पक्ष सुनकर भारी जुर्माने की राशि में राहत प्रदान कर रही है। इसी वजह से कई लोग लोक अदालत के जरिए सेटलमेंट करा रहे हैं।

अधिकारी का बयान

“लंबित चालानों पर अगले हफ्ते से सख्ती शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में बीमा कंपनियों और संबंधित पक्षों के अधिकारियों के साथ बैठक पूरी हो चुकी है। जिन वाहनों के चालान पेंडिंग हैं, उनकी तमाम नागरिक सेवाओं और सुविधाओं पर रोक लगाई जाएगी।”

— डॉ. अर्चना झा, डीसीपी ट्रैफिक (रायपुर)