जशपुर में हाथी का तांडव: 81 वर्षीय वृद्धा को कुचलकर मार डाला, 24 गांवों में रेड अलर्ट!

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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जशपुर में हाथी का तांडव: 81 वर्षीय वृद्धा को कुचलकर मार डाला, 24 गांवों में रेड अलर्ट!

कुनकुरी / जशपुर:छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी वन परिक्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ देर रात जंगल से आए एक आक्रामक ‘लोनर’ (दल से बिछड़े) हाथी ने राझाडीपा बस्ती (गड़ाकाटा) में भारी तबाही मचाते हुए 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

रात 2 बजे कच्चे मकान पर बोला हमला

जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब दो बजे की है। कंचन बाई (81 वर्ष) अपने बेटी-दामाद के साथ जंगल से सटे एक कच्चे मकान में सो रही थीं। तभी अचानक एक विशालकाय हाथी ने धावा बोल दिया। हाथी द्वारा मकान पर हमला करते ही छप्पर और दीवारें ढहने लगीं। मलबे और खतरे को भांपकर परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन अत्यधिक उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण वृद्धा कंचन बाई भाग नहीं सकीं। आक्रामक हाथी ने उन्हें अपनी सूंढ़ में उठाकर जमीन पर दे पटका, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

डेढ़ महीने से इलाके में भटक रहा है आक्रामक लोनर हाथी

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में ₹25,000 की राशि सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिस हाथी ने महिला को निशाना बनाया है, वह पिछले डेढ़ महीने से कुनकुरी के जंगलों में अकेला भटक रहा है और अत्यंत आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

जिले में 34 हाथियों की मौजूदगी, 24 से अधिक गांव खौफ के साए में

वर्तमान में जशपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 34 हाथी विचरण कर रहे हैं।

तपकरा क्षेत्र: ओडिशा से आए 30 हाथियों का ‘शांति दल’ मौजूद है।

हाथीबेड इलाका: धरमजयगढ़ से पहुंचे दो अन्य हाथी सक्रिय हैं।

कुनकुरी क्षेत्र: खतरनाक लोनर हाथी लगातार तबाही मचा रहा है।

हाथियों की इस बड़ी मौजूदगी के चलते खारीबहार, बरांगजोर, तेलाइन और कोरंगामाल सहित दो दर्जन से अधिक संवेदनशील गांवों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। वन विभाग ने ग्रामीणों के जंगल में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है और गश्त बढ़ा दी है।

वन विभाग द्वारा जारी मुख्य सुरक्षा निर्देश (एडवाइजरी)

हाथियों के हमले से जान-माल की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

जंगल जाने पर पूर्ण प्रतिबंध: अलर्ट घोषित गांवों के लोग दातुन, महुआ या लकड़ी चुनने के लिए भूलकर भी जंगल की ओर न जाएं।

शाम के बाद सतर्कता: सूर्यास्त के बाद सुनसान रास्तों पर अकेले न निकलें और घर के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें।

कच्चे मकानों की सुरक्षा: जंगल से सटे कच्चे घरों में रहने वाले लोग रात में सतर्क रहें। आहट मिलते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

लोनर हाथियों से दूरी: दल से बिछड़े हाथियों को घेरने, छेड़ने, पत्थर मारने या फोटो/वीडियो बनाने की गलती भूलकर भी न करें।

हल्ला व रोशनी का प्रयोग: हाथी गांव के पास आए तो सुरक्षित दूरी से मशाल, पटाखे या शोर का इस्तेमाल करें, पर कभी उसके रास्ते में न आएं।

शराब व अनाज का भंडारण: घर में हड़िया या महुआ शराब न रखें; इसकी तीव्र गंध हाथियों को हमला करने के लिए आकर्षित करती है।

तत्काल सूचना दें: किसी भी खतरे या हाथी की मौजूदगी की स्थिति में तुरंत वन विभाग की बीट टीम, रेंजर या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित करें।