कोरिया में बड़ा हादसा: महज एक साल पहले बना चरचा कॉलरी अंडरब्रिज धंसा, 25 हजार की आबादी का संपर्क टूटा; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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कोरिया में बड़ा हादसा: महज एक साल पहले बना चरचा कॉलरी अंडरब्रिज धंसा, 25 हजार की आबादी का संपर्क टूटा; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। चरचा कॉलरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज की पुलिया शनिवार सुबह अचानक धंस गई। महज एक साल पहले बनकर तैयार हुए इस अंडरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से शिवपुर-चरचा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस हादसे के कारण क्षेत्र की लगभग 25 हजार की आबादी का मुख्य रास्तों से संपर्क कट गया है।
25 हजार लोग प्रभावित, स्कूल बसों के थमे पहिए
अंडरब्रिज के धंसने का सीधा असर आम नागरिकों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों पर पड़ा है। रास्ता बंद होने की वजह से कई स्कूल बसों का परिचालन थम गया, जिससे हजारों स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना आम नागरिकों के अलावा करीब 50 से 60 भारी वाहन और कोयला परिवहन गाड़ियां गुजरती हैं। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
वैकल्पिक मार्ग भी जर्जर, मंडराया हादसे का खतरा
मुख्य रास्ता ब्लॉक होने के बाद स्थानीय नागरिक चरचा थाने के बगल से गुजरने वाले वैकल्पिक मार्ग का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, यह रास्ता भी बेहद जर्जर हालत में है। यहां बनी पुरानी पुलिया पहले से ही खस्ताहाल है और सीसी सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है। अब इस कच्चे व जर्जर रास्ते पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने से एक और बड़े हादसे की आशंका बन गई है।
जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर, जेसीबी से गड्ढे भरने का काम शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि हरकत में आए। नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जायसवाल और उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए उन्होंने तुरंत वैकल्पिक मार्ग को सुगम बनाने के निर्देश दिए, जिसके बाद जेसीबी (JCB) मशीनों को लगाकर गड्ढों को समतल करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कराया गया।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लालमुनि यादव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
घटिया निर्माण पर आक्रोश, उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग
मात्र एक साल पुरानी पुलिया के इस तरह अचानक धंस जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग पर कोयला परिवहन और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है, वहां निर्माण कार्य में मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन व रेलवे प्रशासन से धंसी हुई पुलिया की तत्काल उच्च स्तरीय व तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्माण में भ्रष्टाचार या लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।





