आगर-मालवा में बड़ा हादसा: नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर के पास नाले में बही कार, ओडिशा के 8 श्रद्धालुओं की मौत; पुलिस ने आक्रोशित भीड़ पर भांजी लाठियां।
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
**************************************
आगर-मालवा में बड़ा हादसा: नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर के पास नाले में बही कार, ओडिशा के 8 श्रद्धालुओं की मौत; पुलिस ने आक्रोशित भीड़ पर भांजी लाठियां।
आगर-मालवा। मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा के समीप बीती रात मूसलधार बारिश के दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। उफनते नाले के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी एक कार बह गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 बच्चों, 2 महिलाओं और 3 पुरुषों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक ओडिशा के निवासी बताए जा रहे हैं।

महाकाल दर्शन के बाद बगलामुखी मंदिर आए थे श्रद्धालु
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार सवार सभी श्रद्धालु ओडिशा से मध्य प्रदेश धार्मिक यात्रा पर आए थे। उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करने के बाद वे नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे।
देर रात क्षेत्र में हो रही मूसलधार बारिश के कारण मंदिर के पास स्थित नाला पूरी तरह उफान पर था। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर नाले के उफनते पानी में जा गिरी और तेज बहाव में बह गई। पानी का वेग इतना तेज था कि कार सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
रस्सी से खींचकर बाहर निकाली गई कार, शव बरामद
घटना की सूचना मिलते ही देर रात स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। सुबह स्थानीय ग्रामीणों की मदद से भारी मशक्कत के बाद कार को रस्सी से खींचकर नाले के किनारे लाया गया। इसके बाद कार के भीतर से सभी आठ श्रद्धालुओं के शव बाहर निकाले गए।
पहचाने गए मृतकों के नाम:
ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा (उम्र 41 वर्ष), निवासी- कटक, ओडिशा
राधा रानी (उम्र 33 वर्ष), निवासी- भुवनेश्वर, ओडिशा
रीता रानी (उम्र 38 वर्ष), निवासी- भुवनेश्वर, ओडिशा
कृष्णा पिता शिवप्रसाद बेहरा, निवासी- भुवनेश्वर, ओडिशा
(अन्य चार मृतकों की पहचान और औपचारिक प्रक्रिया जारी है)
कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे, अव्यवस्थाओं को लेकर जनता का फूटा गुस्सा
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित आला प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, हादसे की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई।
प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। लोगों का आरोप है कि मंदिर क्षेत्र के आसपास अवैध और प्राइवेट हवन कुंडों का संचालन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी अव्यवस्था फैलती है और हादसों की आशंका बनी रहती है।
भीड़ ने की नारेबाजी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्राइवेट हवन कुंडों को तुरंत बंद कराने और हादसे के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को बिगड़ता देख भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया गया।
फिलहाल, पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों व परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है।





