बेटे की एक हसरत पर भारी पड़ी पिता की ममता: डुमरटोला के तालाब में कमल का फूल तोड़ते वक्त गाद में फंसे भुनेश्वर, डूबने से दर्दनाक मौत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
************************************
बेटे की एक हसरत पर भारी पड़ी पिता की ममता: डुमरटोला के तालाब में कमल का फूल तोड़ते वक्त गाद में फंसे भुनेश्वर, डूबने से दर्दनाक मौत
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: बेटे की एक छोटी-सी चाहत को पूरा करने की कोशिश में एक पिता को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिले के ग्राम डुमरटोला स्थित तालाब में गुरुवार सुबह कमल का फूल तोड़ने उतरे 45 वर्षीय भुनेश्वर श्रीवास की डूबने से बेहद दर्दनाक मौत हो गई। कमल के पौधों की गहरी जड़ों और तालाब की तलहटी में जमा गाद में पैर फंस जाने की वजह से वह समय रहते बाहर नहीं निकल सके।
बेटे ने जताई थी फूल की इच्छा
मूलतः हालमीटोला के रहने वाले भुनेश्वर श्रीवास वर्तमान में मोहला में निवास कर रहे थे। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे वे डुमरटोला स्थित तालाब पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उनके 15 वर्षीय बेटे ने कमल का फूल लाने की इच्छा व्यक्त की थी। पिता का दिल बेटे की इस ख्वाहिश को टाल न सका और वे खुद तालाब के पानी में उतर गए।
जड़ों और गाद का खतरनाक जाल बना वजह
भुनेश्वर ने तालाब से दो कमल के फूल आसानी से तोड़ लिए थे। जब वे तीसरे फूल की ओर बढ़े, तभी उनका पैर पानी के भीतर फैली कमल की मजबूत जड़ों और दलदली गाद में बुरी तरह उलझ गया। उन्होंने खुद को छुड़ाने और बाहर आने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दलदल की जकड़न से बाहर नहीं निकल पाए और गहरे पानी में समा गए।
गांव में छाया मातम, पुलिस जांच में जुटी
घटना की भनक लगते ही बदहवास परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब की ओर दौड़े। जिस बेटे के चेहरे पर खुशी देखने पिता तालाब में उतरे थे, उसी मासूम पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।





