दुर्ग में 57 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर बवाल: शिक्षा मंत्री के कार्यालय घेराव के लिए निकले बेरोजगार युवा, पुलिस ने पटेल चौक पर रोका
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में 57 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर बवाल: शिक्षा मंत्री के कार्यालय घेराव के लिए निकले बेरोजगार युवा, पुलिस ने पटेल चौक पर रोका
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में 57 हजार शिक्षकों की स्थाई भर्ती की मांग को लेकर मंगलवार को दुर्ग शहर की सड़कों पर भारी हंगामा हुआ। प्रदेशभर से आए शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने ‘शिक्षक भर्ती साझा मंच’ के बैनर तले उग्र प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गंजपारा स्थित कार्यालय का घेराव करने पैदल मार्च निकाल रहे थे, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें पटेल चौक पर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान युवाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।
📍 पैदल मार्च को पुलिस ने बीच में रोका
आक्रोशित बेरोजगार युवा अपनी मांगों की तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री के दफ्तर की ओर बढ़ रहे थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले से ही पटेल चौक पर तगड़ी घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम चौक पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। आगे जाने की अनुमति न मिलने पर युवा सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

📋 क्या हैं प्रदर्शनकारी युवाओं की प्रमुख मांगें?
शिक्षक भर्ती साझा मंच के पदाधिकारियों और अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखी हैं:
57 हजार पदों पर विज्ञापन: मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पुराने बयानों के तहत तत्काल 57 हजार शिक्षक पदों पर स्थाई भर्ती की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की जाए।
अतिथि शिक्षकों का विरोध: युवाओं का कहना है कि सरकार स्थाई भर्ती टालने के लिए अतिथि शिक्षकों या विद्या मितानों की अस्थाई व्यवस्था बंद करे।
समय पर काउंसिलिंग: पिछली भर्तियों के बचे हुए पदों को तुरंत भरा जाए और काउंसिलिंग प्रक्रिया में हो रही देरी को खत्म किया जाए।
आयु सीमा में छूट: कोरोना काल और भर्तियों में हुई देरी को देखते हुए आगामी भर्ती में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाए।
🗣️ युवाओं का आक्रोश: “सिर्फ वादे मिले, रोजगार नहीं”
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। युवाओं का कहना है कि वे सालों से डी.एड., बी.एड. और टीईटी (TET) पास करके घर बैठे हैं। सरकार लगातार बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती का आश्वासन दे रही है, लेकिन धरातल पर अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही स्थाई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, तो आने वाले दिनों में राजधानी रायपुर में उग्र और अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।चौक पर काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद ही युवा शांत हुए और सड़क से हटे। इस प्रदर्शन के कारण पटेल चौक और गंजपारा मार्ग पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा।





