छत्तीसगढ़ RTO में ट्रांसफर एक्सप्रेस चलने से पहले ही लीक हुए नाम! दुर्ग, रायपुर और पाटेकोहरा के अफसरों के तबादले की चर्चाएं तेज

 छत्तीसगढ़ RTO में ट्रांसफर एक्सप्रेस चलने से पहले ही लीक हुए नाम! दुर्ग, रायपुर और पाटेकोहरा के अफसरों के तबादले की चर्चाएं तेज

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छत्तीसगढ़ RTO में ट्रांसफर एक्सप्रेस चलने से पहले ही लीक हुए नाम! दुर्ग, रायपुर और पाटेकोहरा के अफसरों के तबादले की चर्चाएं तेज

रायपुर।छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग (RTO) की बहुप्रतीक्षित तबादला सूची जारी होने से पहले ही विभागीय और राजनीतिक गलियारों में संभावित नामों को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक सूची सामने आने से पहले ही कुछ रसूखदार अधिकारियों के नए ट्रांसफर ठिकाने सोशल मीडिया और दफ्तरों में तैरने लगे हैं, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।

इन बड़े नामों पर लगी है अटकलें

संभावित सूची को लेकर उड़ रही खबरों के अनुसार, राज्य के कुछ महत्वपूर्ण परिवहन चेकपोस्ट और जिलों के प्रभारियों में फेरबदल की तैयारी है।

वर्तमान में चर्चाओं के केंद्र में ये नाम शामिल हैं

सी.के. साहू: दुर्ग से पाटेकोहरा ट्रांसफर होने की संभावना।

केशव राजवंड़े: रायपुर से दुर्ग भेजे जाने की चर्चा

।राजेंद्र बरम: पाटेकोहरा से रायपुर स्थानांतरित किए जाने की अटकलें

सूत्रों का दावा है कि इन अधिकारियों के करीबी और परिचित भी इस बात का दावा कर रहे हैं कि उनके इन पसंदीदा स्थानों पर तबादले लगभग तय हो चुके हैं।

सिफारिशों और राजनीतिक रसूख के लग रहे आरोप

इस संभावित सूची के वायरल होने के साथ ही विभाग में अंदरूनी असंतोष और आरोपों का दौर भी शुरू हो गया है। दबी जुबान में कुछ हल्कों से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन मलाईदार पोस्टिंग्स के लिए भारी राजनीतिक सिफारिशों और स्थानीय स्तर के रसूख का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, इन दावों और कथित आरोपों के समर्थन में अब तक कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है।

आधिकारिक सूची का इंतजार

परिवहन विभाग और राज्य सरकार ने फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। शासन की ओर से इन चर्चाओं और आरोपों पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन दावों में कितनी सच्चाई है और यह सिर्फ अफवाहें हैं या प्रशासनिक लीक, इसका वास्तविक खुलासा विभाग की अंतिम और आधिकारिक ट्रांसफर लिस्ट जारी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, आरटीओ महकमे की निगाहें अब पूरी तरह से सरकार की अंतिम सूची पर टिकी हुई हैं।