छत्तीसगढ़ में जुलाई से लग सकता है महंगी बिजली का झटका, जून में होगी नई दरों की घोषणा

 छत्तीसगढ़ में जुलाई से लग सकता है महंगी बिजली का झटका, जून में होगी नई दरों की घोषणा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में जुलाई से लग सकता है महंगी बिजली का झटका, जून में होगी नई दरों की घोषणा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर जुलाई महीने से अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने जा रहा है। राज्य बिजली वितरण कंपनी (CSPDCL) द्वारा दिए गए भारी-भरकम प्रस्ताव के बाद अब उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, नई बिजली दरों की आधिकारिक घोषणा जून महीने में ही कर दी जाएगी।

घाटे की भरपाई के लिए 24% तक दाम बढ़ाने का प्रस्ताव

बिजली वितरण कंपनी (CSPDCL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपनी याचिका में भारी वित्तीय संकट की बात कही है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उसे करीब 6,308.24 करोड़ रुपये का बड़ा राजस्व घाटा सामने आया है। इस भारी वित्तीय घाटे से उबरने और इसकी भरपाई करने के लिए कंपनी ने सभी उपभोक्ता श्रेणियों के टैरिफ में 24 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव नियामक आयोग को सौंपा है

।सभी वर्गों पर पड़ेगा समान असर

बिजली कंपनी के इस नए प्रस्ताव में किसी एक वर्ग को राहत नहीं दी गई है। घाटे को पाटने के लिए घरेलू (Domestic), कमर्शियल (Commercial) और औद्योगिक (Industrial) समेत सभी उपभोक्ता वर्गों के टैरिफ में एक समान रूप से वृद्धि करने का सुझाव रखा गया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आम जनता से लेकर व्यापारियों और उद्योगपतियों तक सभी का मासिक बजट बिगड़ना तय है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी 11 जुलाई को घोषित किए गए टैरिफ में प्रति यूनिट लगभग 20 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।

जनसुनवाई पूरी, सरकार और आयोग के बीच अंतिम मंथन जारी

नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों द्वारा दी गई इस याचिका पर फरवरी महीने में ही व्यापक जनसुनवाई आयोजित की थी। इस जनसुनवाई के दौरान जनता, विभिन्न उद्योगों और सामाजिक संगठनों से कई तरह के सुझाव तथा आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनकी समीक्षा का काम अब पूरा कर लिया गया है।सुनवाई के दौरान मिले इन सुझावों के आधार पर आयोग ने बिजली कंपनी से उनके आय-व्यय से जुड़े कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे थे।

फिलहाल, बिजली की नई दरों को लेकर राज्य सरकार के साथ अंतिम दौर का विचार-विमर्श चल रहा है।अब उपभोक्ताओं और उद्योग जगत की नजरें छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

यदि नियामक आयोग बिजली कंपनी के 24 प्रतिशत बढ़ोतरी के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे देता है, तो जुलाई से प्रदेशवासियों को बिजली बिल का एक बड़ा झटका लगना तय है।