रायपुर में जंगलराज! गृह मंत्री की बैठकों के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल की लूट
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायपुर में जंगलराज! गृह मंत्री की बैठकों के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल की लूट
रायपुर:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। शहर में लगातार बढ़ रही लूट, छीना-झपटी और चाकूबाजी की घटनाओं के बीच सोमवार सुबह एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने राज्य की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठकों के दावों के बीच, अपराधियों ने राज्य के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक को अपना निशाना बनाया है। बदमाशों ने मॉर्निंग वॉक के दौरान उनसे मोबाइल लूट लिया और फरार हो गए।
वीआईपी इलाके में वारदात, सुबह-सुबह मचा हड़कंप।।
जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ भाजपा नेता धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह करीब सवा आठ बजे सामान्य दिनों की तरह मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) पर निकले थे। वे सड़क पर अकेले चल रहे थे, तभी अचानक एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश उनके बेहद करीब पहुंचा। इससे पहले कि कौशिक कुछ समझ पाते, शातिर बदमाश उनके हाथ से मोबाइल झपटकर पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गया। बीच सड़क पर एक कद्दावर नेता के साथ हुई इस लूट से इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस महकमे में खलबली, खंगाले जा रहे सीसीटीवी
हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण घटना की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बाइक का नंबर और आरोपी का हुलिया साफ हो सके। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
।गृह मंत्री की सख्ती बेअसर, राजधानी में कोई सुरक्षित नहीं।
यह वारदात छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन के मुंह पर करारा तमाचा है। एक तरफ गृह मंत्री विजय शर्मा खुद रायपुर में डेरा डाले हुए हैं और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठकें ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपराधी सीधे वीआईपी और जनप्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि राजधानी में अपराधियों के भीतर पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है। जब सूबे के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भगवान ही मालिक है। इस घटना के बाद से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।





