उधारी वसूली के लिए युवक का अपहरण कर ओडिशा ले जा रहे 6 आरोपी गिरफ्तार, सरायपाली पुलिस ने सकुशल कराया मुक्त

 उधारी वसूली के लिए युवक का अपहरण कर ओडिशा ले जा रहे 6 आरोपी गिरफ्तार, सरायपाली पुलिस ने सकुशल कराया मुक्त

उधारी वसूली के लिए युवक का अपहरण कर ओडिशा ले जा रहे 6 आरोपी गिरफ्तार, सरायपाली पुलिस ने सकुशल कराया मुक्त

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की सरायपाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपहरण के एक सनसनीखेज मामले का चंद घंटों में खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया है। आरोपी उधारी की रकम वसूलने के लिए युवक का जबरन अपहरण कर ओडिशा ले जा रहे थे।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की नाकेबंदी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली कि एक कार (क्रमांक OD-17 AG-7735) में कुछ अज्ञात लोग हुंडई शोरूम के पास से एक युवक का जबरन अपहरण कर ओडिशा की तरफ भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही सरायपाली पुलिस तत्काल एक्शन में आई और क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। वाहन चेकिंग में पकड़े गए आरोपी। पुलिस ने जब कार को रोककर जांच की, तो उसमें 6 लोग सवार मिले। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम देबार्चन मलिक, राजेश मलिक, रंजन प्रधान, भागीरथी बेहरा, बंशीधर बंछोर और कुनु बाघ बताए। कार की तलाशी लेने पर उसमें बंधक बनाकर रखा गया युवक भी मिला, जिसकी पहचान निरंजन दास (32 वर्ष) निवासी चट्टीगिरोला, सरायपाली के रूप में हुई।

3 लाख रुपये के लिए की वारदात

पीड़ित निरंजन दास ने पुलिस को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसने मुख्य आरोपी देबार्चन मलिक से 3 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इसमें से वह 50 हजार रुपये लौटा चुका था। बाकी बचे 3 लाख रुपये की वसूली के लिए आरोपियों ने योजना बनाई। आरोपी उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर, उसका मोबाइल छीनकर और जान से मारने की धमकी देकर ओडिशा ले जा रहे थे।

बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज, आरोपी जेल दाखिल

सरायपाली पुलिस ने पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराकर वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने थाना सरायपाली में अपराध क्रमांक 168/2026 दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 140(3) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार करने के बाद सभी 6 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।