छत्तीसगढ़ में उड़ेगा विकास का विमान: उड़ान योजना के तहत दुर्ग, कोरबा और रायगढ़ समेत 3 नए एयरपोर्ट की तैयारी
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ में उड़ेगा विकास का विमान: उड़ान योजना के तहत दुर्ग, कोरबा और रायगढ़ समेत 3 नए एयरपोर्ट की तैयारी
रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। राज्य के दुर्ग, रायगढ़, कोरबा और बस्तर जैसे प्रमुख औद्योगिक और रणनीतिक क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की योजना के अनुसार, इन प्रस्तावित चार स्थानों में से अंतिम तीन लोकेशन्स का चयन अगले तीन महीनों के भीतर कर लिया जाएगा।
अगले 3 महीनों में तय होंगे फाइनल लोकेशन
नागरिक उड्डयन मंत्रालय वर्तमान में इन प्रस्तावित स्थलों का तकनीकी और व्यावहारिक मूल्यांकन (Technical & Feasibility Study) कर रहा है। मूल्यांकन के बाद मंत्रालय राज्यों को अंतिम सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर एयरपोर्ट निर्माण की विस्तृत रूपरेखा (DPR) तैयार होगी। सरकार का लक्ष्य आगामी 90 दिनों के भीतर इन स्थानों को अंतिम रूप देना है, ताकि बुनियादी ढांचे का काम जल्द शुरू हो सके।
28,840 करोड़ का बजट और छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर के निदेशक योगेश नगाइच के अनुसार, देश भर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बड़ी योजना में छत्तीसगढ़ एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। राज्य को कम से कम तीन नए एयरपोर्ट मिलने की पूरी उम्मीद है।
इस विस्तार से टायर-2 और टायर-3 शहरों के नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा। बड़े विमानों के संचालन और सीटों की संख्या बढ़ने से हवाई किराया किफायती होगा, जिससे आम आदमी के लिए भी उड़ान भरना आसान हो जाएगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ़्तार
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देना है। दुर्ग और कोरबा जैसे औद्योगिक हब और रायगढ़ व बस्तर जैसे खनिज समृद्ध क्षेत्रों में एयरपोर्ट बनने से न केवल यात्रा सुलभ होगी, बल्कि निवेश और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
योजना की मुख्य झलकियाँ:
लक्ष्य: देशभर में 100 नए एयरपोर्ट का विकास और 120 नए गंतव्यों को जोड़ना।
हेलीपैड विस्तार: पहाड़ी राज्यों, द्वीपों और आकांक्षी जिलों में 200 नए हेलीपैड का निर्माण।
समावेशी विकास: किफायती हवाई किराए के माध्यम से क्षेत्रीय विमानन क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित करना।
इस पहल से छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों की कनेक्टिविटी देश के मुख्य शहरों से हो जाएगी, जो राज्य के समग्र विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।





