बीजापुर में भीषण सड़क हादसा: मिर्च तोड़ने जा रहे मजदूरों से भरा वाहन पलटा, 15 गंभीर, चीख-पुकार के बीच जिला अस्पताल में मची अफरातफरी

 बीजापुर में भीषण सड़क हादसा: मिर्च तोड़ने जा रहे मजदूरों से भरा वाहन पलटा, 15 गंभीर, चीख-पुकार के बीच जिला अस्पताल में मची अफरातफरी

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बीजापुर में भीषण सड़क हादसा: मिर्च तोड़ने जा रहे मजदूरों से भरा वाहन पलटा, 15 गंभीर, चीख-पुकार के बीच जिला अस्पताल में मची अफरातफरी

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार और क्षमता से अधिक परिवहन ने मासूम ग्रामीणों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। गुरुवार सुबह भोपालपट्टनम ब्लॉक के सोमनपल्ली के पास मजदूरों से भरी एक मालवाहक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में वाहन में सवार 45 मजदूरों में से लगभग 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

सुबह 6 बजे हुआ हादसा, महाराष्ट्र जा रहे थे मजदूर

जानकारी के मुताबिक, भोपालपट्टनम ब्लॉक के पेंटागुड़ा, बारेगुड़ा और दममुर गाँव के करीब 40-45 ग्रामीण एक मालवाहक वाहन में सवार होकर मिर्च तोड़ने के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे ग्राम सोमनपल्ली के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सड़क पर ही पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हायर सेंटर जगदलपुर रेफर किए गए मरीज

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल उप स्वास्थ्य केंद्र भोपालपट्टनम पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने बताया कि तीन मरीजों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर जगदलपुर रेफर किया गया है। शेष मरीजों का उपचार जारी है और फिलहाल वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

नेताओं ने जाना हालचाल, सिस्टम पर सवाल

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल पहुँचे और घायलों का हालचाल जाना। जनप्रतिनिधियों ने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।

नियमों की अनदेखी बनी जान की दुश्मन

बीजापुर में मालवाहक वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बार-बार होने वाले इन हादसों के बावजूद न तो वाहन स्वामी जागरूक हो रहे हैं और न ही प्रशासन की सख्ती का असर दिख रहा है। मिर्च सीजन के दौरान सैकड़ों मजदूर जान जोखिम में डालकर इन्हीं मालवाहकों के जरिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं, जो अक्सर काल का ग्रास बन जाते हैं।

 

 

 

 

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