भिलाई स्टील प्लांट के पावर प्लांट-2 में भीषण आग: जान बचाने खिड़कियों से कूदे कर्मचारी, 7 घायल 

 भिलाई स्टील प्लांट के पावर प्लांट-2 में भीषण आग: जान बचाने खिड़कियों से कूदे कर्मचारी, 7 घायल 

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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भिलाई स्टील प्लांट के पावर प्लांट-2 में भीषण आग: जान बचाने खिड़कियों से कूदे कर्मचारी, 7 घायल

भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के पावर प्लांट-2 में मंगलवार (7 अप्रैल) को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे के दौरान टर्बाइन हॉल में धुआं भरने के कारण वहां मौजूद कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंची बिल्डिंग से कूदना पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में कुल 7 कर्मचारी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

STG-4 टर्बाइन में भड़की आग

जानकारी के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 में हुई। यहाँ स्थित STG-4 टर्बाइन में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। चंद मिनटों में ही पूरा टर्बाइन हॉल काले धुएं के गुबार से भर गया, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों का दम घुटने लगा।

जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे श्रमिक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि आग और धुएं के बीच घिरे कर्मचारी जान बचाने के लिए छटपटा रहे थे। सुरक्षित निकलने का रास्ता न मिलने पर कुछ कर्मचारी खिड़कियों से नीचे कूद गए, तो कुछ पाइप के सहारे उतरने की कोशिश करते नजर आए। इस अफरा-तफरी के बीच 10 कर्मचारियों ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई, हालांकि बिल्डिंग से कूदने के कारण एक संविदा कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया है।

दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू

हादसे की सूचना मिलते ही संयंत्र की अग्निशमन सेवा हरकत में आई। दमकल की 6 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 11:10 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग बुझने के बाद प्रभावित हिस्से में कूलिंग का काम घंटों तक चलता रहा।

अस्पताल में भर्ती हैं घायल

हादसे में घायल हुए 2 नियमित और 5 संविदा कर्मचारियों को तत्काल बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति अभी स्थिर है और उनका विशेषज्ञ उपचार किया जा रहा है।

जांच के घेरे में सुरक्षा मानक

प्लांट प्रबंधन ने इस गंभीर हादसे की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या टर्बाइन की ओवरहीटिंग मानी जा रही है। हालांकि, जिस तरह कर्मचारियों को जान बचाने के लिए कूदना पड़ा, उसने संयंत्र के भीतर आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

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