बड़ी खबर: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे हाईवे के नियम; कैश पेमेंट बंद, छत्तीसगढ़ में सफर होगा महंगा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बड़ी खबर: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे हाईवे के नियम; कैश पेमेंट बंद, छत्तीसगढ़ में सफर होगा महंगा
नई दिल्ली/रायपुर: देश के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल बनाने और टोल दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।
1. टोल प्लाजा पर कैश को ‘नो-एंट्री’
NHAI के नए नियमों के मुताबिक, अब देश के किसी भी टोल प्लाजा पर नकद (Cash) भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाईवे यात्रा को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए अब केवल फास्टैग (FASTag) या यूपीआई (UPI) के जरिए ही पेमेंट लिया जाएगा। टोल बूथ पर क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और यात्रियों के समय की बचत करना है।
2. छत्तीसगढ़ में टोल की नई दरें लागू
छत्तीसगढ़ में रहने वाले और यहाँ से गुजरने वाले वाहन चालकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। NHAI ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें जारी कर दी हैं। 1 अप्रैल से प्रदेश के प्रमुख टोल प्लाजा पर वाहनों को 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
प्रभावित मार्ग और टोल प्लाजा:
मार्ग: भिलाई, आरंग, बिलासपुर-रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर।
प्रमुख प्लाजा: कुम्हारी, भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट, बगदेवा और अन्य।
3. सालाना पास भी हुआ महंगा
टोल की बढ़ती कीमतों का असर पास बनवाने वाले नियमित यात्रियों पर भी पड़ा है। कार के लिए बनने वाले सालाना पास (Annual Pass) की कीमत अब 3,000 रुपये से बढ़कर 3,075 रुपये हो गई है।
4. स्थानीय निवासियों को राहत
इन बदलावों के बीच स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों के लिए छूट की योजना पहले की तरह ही जारी रहेगी। उन्हें पुरानी दरों और निर्धारित रियायतों का लाभ मिलता रहेगा।





