बोजिया-सिंघीझाप मार्ग पर हाथियों का डेरा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

 बोजिया-सिंघीझाप मार्ग पर हाथियों का डेरा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बोजिया-सिंघीझाप मार्ग पर हाथियों का डेरा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

 

रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल रेंज में हाथियों का विचरण लगातार जारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। सोमवार शाम बोजिया परिसर के औरानारा रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब 15 से 17 हाथियों का एक विशाल दल सड़क किनारे आ पहुंचा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘हाथी मित्र दल’ ने तत्काल मोर्चा संभाला और सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी।

सड़क पर घंटों थमा रहा पहिया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का दल काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहा, जिसके बाद वे एक-एक कर सड़क पार कर सिंघीझाप के जंगलों की ओर बढ़ गए। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वन विभाग ने बोजिया-सिंघीझाप और औरानारा-सिंघीझाप मार्ग पर चलने वाले राहगीरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

हाथियों ने न केवल यातायात बाधित किया, बल्कि किसानों को भारी आर्थिक नुकसान भी पहुँचाया है। रविवार देर रात हाथियों का दल भलमुड़ी और हाटी गांव के खेतों में घुस गया। यहाँ कुल 6 किसानों की तैयार धान की फसल को हाथियों ने रौंदकर बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने रात भर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन दल सुबह होने तक खेतों में ही डटा रहा।

छाल रेंज में 37 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में छाल रेंज के अलग-अलग हिस्सों में कुल 37 हाथी मौजूद हैं। इनमें से सबसे बड़ा झुंड (22 हाथी) औरानारा क्षेत्र के जंगलों में सक्रिय है। इसके अलावा बोजिया, कुड़ेकेला, पुरूंगा, बनहर, लोटान और हाटी के जंगलों में भी हाथियों की आवाजाही बनी हुई है।

वन विभाग की अपील:

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम के समय जंगलों की ओर न जाएं और हाथियों को देखने के लिए भीड़ जमा न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हाथी मित्र दल या नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।