पैसों के लालच में दिया बैंक खाता, दुर्ग का युवक साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार; ₹14 लाख से अधिक का संदिग्ध लेन-देन
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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पैसों के लालच में दिया बैंक खाता, दुर्ग का युवक साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार; ₹14 लाख से अधिक का संदिग्ध लेन-देन
भिलाई/दुर्ग। भिलाई पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह को ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए का बैंक खाता) उपलब्ध कराने वाले एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में करीब 14.16 लाख रुपये का संदिग्ध और अवैध लेन-देन पाया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक दस्तावेज, एटीएम और सिम कार्ड भी जब्त कर लिए हैं।
🚨 गृह मंत्रालय के पोर्टल से हुआ खुलासा
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से मिली इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र (शाखा चिखली) के कुछ संदिग्ध खातों की जांच की थी। तकनीकी विश्लेषण और जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को देश-विदेश में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
💸 पैसों के लालच में बेचा अपना ईमान
जांच के दौरान पुलिस ने अहिवारा (थाना नंदिनी, जिला दुर्ग) के रहने वाले आरोपी आकाश भट्ट (22 वर्ष) को दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने थोड़े से पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम कार्ड किसी दूसरे अज्ञात व्यक्ति को सौंप दिए थे। इसी खाते का उपयोग कर ठगों ने ₹14,16,645 का अवैध लेन-देन निपटाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
⚠️ दुर्ग पुलिस की सख्त चेतावनी: न बनें सह-आरोपी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी और सख्त एडवाइजरी जारी की है:गोपनीयता बरतें: किसी भी अनजान या जान-पहचान वाले व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने न दें।दस्तावेज न सौंपें: अपना एटीएम कार्ड, पासबुक, चेक बुक या सिम कार्ड कभी भी किसी को किराए पर न दें।कानूनी कार्रवाई: पैसों के लालच में आकर ऐसा करने पर आप सीधे साइबर अपराध के सह-आरोपी बन जाएंगे और आपको जेल जाना पड़ेगा।





