नशे की गिरफ्त से जब लोगों को निकलते देखा तो जो शुकून मिला उसे नहीं कर सकता बयां-ips संतोष कुमार

 नशे की गिरफ्त से जब लोगों को निकलते देखा तो जो शुकून मिला उसे नहीं कर सकता बयां-ips संतोष कुमार

ûराज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

बिलासपुर के पूर्व एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने साझा किए बिलासपुर के अपने कार्यकाल के अनुभव

बोले- नागरिकों और स्टाफ ने पूरा सहयोग दिया, जिससे काम करने में मिली संतुष्टि

अब आइपीएस संतोष कुमार रायपुर जिले के एसएसपी बनाए गए हैं।

 

रायपुर । जब निजात अभियान की शुरुआत की थी तो यह बिलकुल नहीं सोचा था कि इसके परिणाम इतने सकारात्मक निकलेंगे और हर कोई इसमें अपनी भागीदारी देगा। जब लोगों को नशे की गिरफ्त से निकलते और दोबारा नया जीवन जीते देखा तो जो शुकून दिल को मिला, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। बिलासपुर में यहां के नागरिकों और पुलिस स्टाफ ने हर कदम में साथ दिया, जिससे मेरा काम बहुत आसान हो सका। उक्त बातें बिलासपुर जिले के पूर्व एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने नईदुनिया से अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कही। ज्ञात हो कि, अब आइपीएस संतोष कुमार रायपुर जिले के एसएसपी बनाए गए हैं।

 

सवाल- कैसा रहा बिलासपुर में आपका अनुभव।

 

जवाब- बिलासपुर में काम करने का अनुभव एकदम अलग रहा। मुझे काम करने का भरपूर समय मिला और सबके सहयोग से मेरा अनुभव संतोषजनक रहा।

 

सवाल- इस संतोषजनक अनुभव का श्रेय किसे देंगे।

 

 

जवाब- पुलिस की टीम, जनता और जनप्रतिनिधियों को, जिन्होंने उनका भरपूर साथ दिया, जिससे वे बेसिक पुलिसिंग करने और अपराध नियंत्रण में सफल रहे।

 

सवाल- अपनी उपलब्धि में क्या याद रखना चाहेंगे।

 

जवाब- सबसे पहले निजात अभियान के जरिए नशे पर नकेल कसने, नशे के गिरफ्त में फंसे लोगों को बाहर निकालक्र उनके जीवनस्तर में सुधार होना ही बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा सालभर में कोई बड़ा अपराध नहीं हुआ, यह भी बड़ी उपलब्धि रही, क्योकि हमने क्राइम डिडक्शन और क्राइम प्रिवेंशन में बहुत अच्छा काम किया।

 

सवाल- बिलासपुर में आपको सबसे चैलेंजिग केस कौन सा लगा।

 

जवाब- सालभर में ऐसा कोई बड़ा अपराध नहीं हुआ, जो भी अपराध हुए हमारी टीम ने उसका निकाल करने में सफलता पाई। सिरगिट्टी में यश साहू हत्याकांड जरूर थोड़ा चैलेंजिंग रहा, लेकिन हमारी टीम ने बहुत अच्छा काम किया और उस मामले को भी सुलझा लिया।

 

सवाल- इसके अलावा और क्या चैलेंजिंग लगा।

 

जवाब- होली के अलावा अन्य त्योहार और चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना एक बड़ा चैलेंज रहा। इसके लिए हमने पूरी प्लानिंग के साथ कार्य किया, अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की, जिससे बिना किसी बड़ी घटना के ये सारी चीजें आसानी से सम्पन्न हो सकीं।

 

 

सवाल- कुछ और जो आप करना चाह रहे थे लेकिन नहीं कर पाने का मलाल हो।

 

जवाब- हां, मुझे ट्रैफिक पर काम करना था, ये एक बड़ा चैलेंज है। आइटीएमएस भी शुरू हो गया, इस पर भी काम करना था। साथ ही निजात अभियान में और भी थोड़ा काम करना शेष रह गया। काउंसिलिंग के जरिए लोगों को नशे के गिरफ्त से निकालने में और काम करना था।

 

सवाल- बिलासपुर की क्या यादें आपके साथ जा रहीं।

 

जवाब- यहां की तो बहुत सी यादें और अविष्मरणीय क्षण हैं, जिसे कभी नहीं भुला सकता। बिलासपुर में पुलिस स्टाफ, जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया का जितना सहयोग और प्यार मिला, उसे मैं जीवनभर नहीं भूल सकता। मैंने और मेरी टीम ने जो भी काम किया, उसकी सफलता के पीछे इन्ही सबका सहयोग ही रहा है।

 

सवाल- आप क्या मानते हैं कि किसकी वजह से अपराध में कमी आई।

 

जवाब- निजात अभियान के जरिए नशे पर नकेल कसने से बहुत हद तक अपराध में कमी आई। पूरे स्टेट में बिलासपुर जिला ही एकमात्र बड़ा जिला रहा, जहां बीते सालों की तुलना में अपराध में गिरावट दर्ज की गई। इसमें नाईट चेकिंग, लगातार कार्रवाई की भूमिका भी काफी अहम रही। पुलिस स्टाफ के सहयोग को कभी नहीं भूल पाऊंगा, उनके साथ से ही बेहतर पुलिसिंग करने में सफलता मिल सकी है।

 

 

सवाल- अब आप राजधानी के पुलिस कप्तान हैं, वहां क्या चैलेंज होंगे।

 

जवाब- हर जिले के अपने कुछ चैलेंजेस होते हैं। वहां भी नशे के खिलाफ निजात अभियान को जारी रखा जाएगा। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए अभी से पुलिस की तैयारी शुरू कर दी गई है। अपराधियों, असामाजिक तत्वों, गुंडे-बदमाशों, नशेड़ियों, नशा कारोबारियों व अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई तेज की जाएगी।