गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर आलम अंबिकापुर से फरार, धनबाद पुलिस को दिया चकमा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर आलम अंबिकापुर से फरार, धनबाद पुलिस को दिया चकमा
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पहचान छिपाकर रह रहा था वासेपुर का गैंगस्टर सब्बीर आलम
डॉन फहीम खान की मां और चाची की हत्या का है मुख्य आरोपी, पुलिस छापेमारी के दौरान हुआ लापता
बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए सादे कपड़ों में दबिश देने पहुंची थी धनबाद पुलिस टीम
अंबिकापुर/धनबाद:झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर आलम छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कई सालों से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। उसे पकड़ने के लिए पहुंची धनबाद पुलिस को चकमा देकर वह एक बार फिर फरार हो गया है। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि की है। वर्तमान में दोनों राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से फरार वारंटी की तलाश में जुटी हुई है।
सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस का विरोध, मौके का उठाया फायदा
मिली जानकारी के मुताबिक, धनबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर सब्बीर आलम अंबिकापुर के रिंगरोड स्थित एक होटल की गली में छिपा हुआ है। इस इनपुट पर धनबाद पुलिस की टीम ने स्थानीय सरगुजा पुलिस को बिना कोई पूर्व सूचना दिए सीधे छापेमारी कर दी। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने उन्हें नहीं पहचाना और उनका विरोध करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के इसी विरोध और हंगामे का फायदा उठाकर गैंगस्टर सब्बीर आलम मौके से भाग निकलने में कामयाब रहा।

सरगुजा एसएसपी का बयान:
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि धनबाद पुलिस की टीम वारंटी की तलाश में अंबिकापुर आई थी। हालांकि, झारखंड पुलिस ने पहले स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं किया था। जब आरोपी उनके हाथ से निकल गया, तब सरगुजा पुलिस को इसकी आधिकारिक सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सरगुजा पुलिस ने घेराबंदी कर संयुक्त प्रयास से वारंटी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। फिलहाल उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
साल 2001 में की थी डॉन फहीम की मां-चाची की हत्या
गैंगस्टर सब्बीर आलम का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और खूनी रहा है। 18 अक्टूबर 2001 को वासेपुर के कुख्यात डॉन फहीम खान के साथ पुरानी दुश्मनी के चलते सब्बीर आलम, उसके भाई शाहीद आलम और साथियों ने मिलकर धनबाद के डायमंड क्रॉसिंग के पास घात लगाकर हमला किया था। आरोपियों ने बाजार से लौट रही फहीम खान की मां नाजमा खातून और चाची शाहनाज खातून की गोली मारकर सरेआम हत्या कर दी थी।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान हुआ था फरार
इस दोहरे हत्याकांड के मामले में गैंगस्टर सब्बीर आलम और शाहीद आलम सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सब्बीर आलम पुलिस कस्टडी से भाग निकला था और पिछले चार सालों से फरार चल रहा था। वहीं दूसरी ओर, साल 2018 में धनबाद की अदालत ने इस मामले में उसके भाई शाहीद आलम सहित अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।’
गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फिल्म से जुड़ा है इतिहास
धनबाद के कोयला माफियाओं और वहां के खूनी गैंगवार पर साल 2012 में मशहूर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने सुपरहिट फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ बनाई थी। इस फिल्म में वासेपुर के माफिया डॉन फहीम खान और इस मामले के मुख्य आरोपी गैंगस्टर सब्बीर आलम सहित कई अन्य किरदारों की वास्तविक रंजिश और कहानियों को पर्दे पर दिखाया गया है।





