भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी कांड: मुख्य आरोपी संजय सिंह की तलाश तेज, दुर्ग पुलिस ने झोंकी ताकत, CBI जांच की मांग से हड़कंप

 भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी कांड: मुख्य आरोपी संजय सिंह की तलाश तेज, दुर्ग पुलिस ने झोंकी ताकत, CBI जांच की मांग से हड़कंप

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी कांड: मुख्य आरोपी संजय सिंह की तलाश तेज, दुर्ग पुलिस ने झोंकी ताकत, CBI जांच की मांग से हड़कंप

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में सामने आए करोड़ों रुपये के लोहा चोरी मामले में दुर्ग पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य किरदारों में शामिल फरार आरोपी संजय सिंह की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि संजय सिंह की गिरफ्तारी इस पूरे मामले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगी, क्योंकि उसके पास संयंत्र के भीतर संचालित होने वाले अवैध नेटवर्क और उसमें शामिल रसूखदारों व अधिकारियों के संबंध में पुख्ता जानकारियां मौजूद हैं।

भीतर के सहयोग से कटी बीएसपी की जेब

जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शुरुआती तफ्तीश और जब्त दस्तावेजों से यह साफ हो चुका है कि संयंत्र से इतने बड़े पैमाने पर लोहा और अन्य कीमती सामग्रियों की अवैध निकासी किसी बाहरी गिरोह के अकेले बूते की बात नहीं है। संयंत्र के मजबूत सुरक्षा घेरे से भारी वाहनों में भरकर सामग्री का बाहर जाना बिना किसी अंदरूनी उच्चस्तरीय सहयोग के संभव ही नहीं है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब संयंत्र के विभिन्न संवेदनशील विभागों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका का कड़ाई से परीक्षण कर रही हैं। संदिग्ध पाए गए ऐसे अधिकारियों की एक गोपनीय सूची भी तैयार कर ली गई है, जिनसे तकनीकी साक्ष्यों की पुष्टि के बाद सीधे पूछताछ की जाएगी।

सीआईएसएफ (CISF) की सुरक्षा पर उठे सवाल, सांसद ने की सीबीआई जांच की मांग

भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास है और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस बीच, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल की सक्रियता ने मामले को और गर्मा दिया है। उन्होंने केंद्रीय स्तर पर इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने और आवश्यकता पड़ने पर मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग उठाई है। सांसद की इस घोषणा के बाद से ही संयंत्र प्रबंधन के भीतर बैठकों का दौर शुरू हो गया है और हड़कंप मचा हुआ है।”

चोरी में शामिल किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा”मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने कहा, “जांच में कई चौंकाने वाले इनपुट्स मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से काम कर रही है। इस चोरी में शामिल किसी भी रसूखदार या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।