गोवा के आलीशान विला में रायगढ़ पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; 6 बड़े इंटरनेशनल सटोरिए गिरफ्तार, 7 सेकंड पहले मैच देखकर बदलते थे सट्टे का भाव!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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गोवा के आलीशान विला में रायगढ़ पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; 6 बड़े इंटरनेशनल सटोरिए गिरफ्तार, 7 सेकंड पहले मैच देखकर बदलते थे सट्टे का भाव!
रायगढ़। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और धमाकेदार कार्रवाई की है। पुलिस की एक विशेष टीम ने सीधे गोवा के पॉश कैंडोलिम बीच इलाके में स्थित एक विला में धावा बोलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले 6 रसूखदार मास्टरमाइंड्स को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी महादेव ऐप की तर्ज पर दुबई से ऑपरेट होने वाले बड़े पैनल के जरिए करोड़ों रुपये का सट्टा खिला रहे थे। पुलिस रेड पड़ते ही आरोपियों में हड़कंप मच गया और वे अपने मोबाइल व दस्तावेजों को नष्ट करने की कोशिश करने लगे, लेकिन साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
👥 गिरफ्तार हाई-प्रोफाइल आरोपियों के नाम और प्रोफाइल:
अमित मित्तल (उम्र 30 वर्ष) – मुख्य खाईवाल, निवासी रायगढ़ (इसके खिलाफ रायगढ़, खरसिया और घरघोड़ा थानों में कई सट्टा मामले दर्ज हैं)।मोहित सोमानी (उम्र 38 वर्ष) – निवासी रायपुर (इसके खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं)।प्रकाश वाधवानी (उम्र 28 वर्ष) – शातिर बुकी व सट्टा ऑपरेटर।आकाश मोटवानी (उम्र 28 वर्ष) – डिजिटल आईडी और अकाउंट्स हैंडलर।राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू (उम्र 31 वर्ष) – नेटवर्क संचालक।सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू (उम्र 26 वर्ष) – तकनीकी एक्सपर्ट।
💻 सट्टेबाजी के 3 ‘हाई-टेक’ तरीके: ऐसे ठगते थे लोगों को
पुलिस पूछताछ में सटोरियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वे तीन अलग-अलग मॉडस ऑपेरेंडी (तरीकों) से करोड़ों का खेल खेल रहे थे:7 सेकंड का लाइव एडवांटेज: आरोपी मोबाइल पर ‘प्रगति टीवी ऐप’ और ‘स्टार लाइव’ जैसे विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। इसमें मैच आम टीवी प्रसारण से 7 सेकंड पहले दिखाई देता था। इसका फायदा उठाकर ये कॉलिंग ऐप्स के जरिए तुरंत भाव बदल देते थे और सटोरियों को चूना लगाते थे।अभिनंदन बुक और लाइन सिस्टम: गिरोह रायपुर से सीधे “अभिनंदन बुक/लाइन” के माध्यम से लाइव मैच का मुख्य भाव लेता था। इसके बाद एक सीक्रेट APK बेस्ड जूम (Zoom) ऐप के जरिए छोटे खाईवालों और दांव लगाने वाले प्लेयर्स तक रेट पहुंचाते थे।इंटरनेशनल बेटिंग आईडी: आरोपी महादेव सट्टा की तर्ज पर ‘All Panel Exchange’, ‘Taj 777’ और ‘Diamond Exchange’ जैसी इंटरनेशनल बेटिंग आईडी ग्राहकों को उपलब्ध कराकर ऑनलाइन जुआ खिलवाते थे।
💸 दुबई कनेक्शन और करोड़ों का हवाला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट की मुख्य डिजिटल बेटिंग आईडी दुबई से जनरेट होकर भारत के महानगरों में बैठे बड़े सटोरियों तक आती थी। वहां से नागपुर और रायपुर के रास्ते इसे छोटे शहरों में फैलाया जाता था। पैसों के लेनदेन के लिए आरोपी अपने खुद के अकाउंट्स की जगह अपने कर्मचारियों और गरीब लोगों के बैंक खातों व यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को मोबाइल चैट में नोटों के सीरियल नंबर शेयर कर करोड़ों रुपये की ब्लैकमनी को हवाला के जरिए व्हाइट मनी में बदलने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
🔗 पहले ही पकड़े जा चुके हैं छत्तीसगढ़ के 3 बड़े मगरमच्छ
गौरतलब है कि रायगढ़ पुलिस ने इस सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ते हुए कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और अहम दस्तावेज जब्त कर 3 मुख्य आरोपियों को जेल भेजा था, जिनमें शामिल हैं:करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल (सिंडिकेट का मास्टरमाइंड)पुष्कर अग्रवाल (कैश और हवाला संभालने वाला)सुनील अग्रवाल (पुष्कर का पिता, वित्तीय हेरफेर का आरोपी)इनकी निशानदेही और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर ही रायगढ़ पुलिस की टीम ने गोवा में यह बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की।
⚖️ पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम और संगठित अपराध की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी 6 आरोपियों को गोवा से ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें सीधे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ और बड़े सफेदपोश चेहरे जल्द ही बेनकाब होगा,





