पिथौरा: कुत्तों से थकी नीलगाय को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट, मांस पकाते दो आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

 पिथौरा: कुत्तों से थकी नीलगाय को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट, मांस पकाते दो आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

*****************************

 

 

पिथौरा: कुत्तों से थकी नीलगाय को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट, मांस पकाते दो आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

 

(महासमुंद):महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भालुडोंगरी क्षेत्र में वन्यजीव शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ शिकारियों ने एक मादा नीलगाय को कुल्हाड़ी से मार डाला और उसका मांस पकाने की तैयारी कर रहे थे। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे।थकी हुई नीलगाय पर कुल्हाड़ी से वारमिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह सुखीपाली (शांतिनगर) निवासी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गए थे। वहाँ उन्होंने देखा कि आवारा कुत्तों ने एक चार वर्षीय मादा नीलगाय को दौड़ा-दौड़ा कर थका दिया था। असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए दोनों आरोपियों ने कुल्हाड़ी से नीलगाय पर हमला कर उसे मार डाला।मांस पकाने की थी तैयारी, वन विभाग ने दी दबिशशिकार के बाद आरोपी नीलगाय को पास के एक खेत में ले गए, जहाँ वे उसका मांस काटकर पकाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर पिथौरा एसडीओ डिंपी बैस के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मौके पर छापा मारा। टीम को देखते ही शिकारियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उनके साथ मौजूद चार अन्य सहयोगी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।डॉग स्क्वाड से तलाश जारीफरार आरोपियों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली गई, हालांकि अब तक उनका सुराग नहीं मिल पाया है। एसडीओ डिंपी बैस ने बताया कि मृत मादा नीलगाय की उम्र लगभग 4 वर्ष थी। शव का पोस्टमार्टम कराकर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया है।वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाईवन विभाग ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विभाग का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।