रायपुर: धान पर पानी डालकर ‘फर्जीवाड़े’ की साजिश, कलेक्टर के एक्शन से 4 कर्मचारी बर्खास्त, FIR के निर्देश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायपुर: धान पर पानी डालकर ‘फर्जीवाड़े’ की साजिश, कलेक्टर के एक्शन से 4 कर्मचारी बर्खास्त, FIR के निर्देश
रायपुर (आरंग): छत्तीसगढ़ के आरंग स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खरीदी केंद्र में रखे धान को मोटर पंप से जानबूझकर भीगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव सिंह के सख्त रुख के बाद जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 4 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
देखिए वायरल वीडियो
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें एक कर्मचारी दिनदहाड़े पाइप और मोटर पंप के जरिए धान के सैकड़ों बोरों पर पानी छिड़कता नजर आया। इस वीडियो के सामने आते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने धान को खराब करने की इस साजिश के खिलाफ केंद्र पर ही जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
जांच में खुली पोल: 10,500 बोरी धान प्रभावित
विरोध को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह ने तत्काल एक जांच समिति गठित की। समिति ने मौके पर पहुँचकर भौतिक सत्यापन किया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
लगभग 10,500 बोरी धान नमी से प्रभावित पाया गया।
मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया, जिससे पुष्टि हुई कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन की धान उपार्जन नीति 2025–26 के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लापरवाही और मिलीभगत की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने निम्नलिखित कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है:
विष्णु साहू (समिति प्रभारी प्रबंधक)
उमेश कुमार साहू (लिपिकीय सहायक)
इंदरमन निषाद (प्रोसेस सर्वर)
जितेंद्र कुमार साहू (दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी)
FIR और आगे की कार्रवाई
प्रशासन का मानना है कि धान को इसलिए भीगाया जा रहा था ताकि नमी के कारण उसका उठाव न हो सके और बाद में धान को खराब बताकर बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित चारों कर्मचारियों के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कलेक्टर का संदेश: रायपुर कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हक से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।










