बीजापुर मुठभेड़: 50 लाख का इनामी टॉप कमांडर पापाराव ढेर! सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

 बीजापुर मुठभेड़: 50 लाख का इनामी टॉप कमांडर पापाराव ढेर! सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बीजापुर मुठभेड़: 50 लाख का इनामी टॉप कमांडर पापाराव ढेर! सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता की खबर सामने आ रही है। नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई भीषण मुठभेड़ के बाद तेलंगाना भाजपा ने दावा किया है कि माओवादियों का शीर्ष कमांडर पापाराव उर्फ मोंगू इस कार्रवाई में मारा गया है।

हालांकि, छत्तीसगढ़ पुलिस ने अभी तक पापाराव की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

6 माओवादी ढेर, 20 लाख के इनामी शामिल

संयुक्त सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए इस नक्सल विरोधी अभियान में अब तक छह माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी मिला है, जिसमें दो एके-47 राइफलें और बड़ी मात्रा में विस्फोटक शामिल हैं। मारे गए छह माओवादियों में से चार की पहचान हो चुकी है, जिन पर शासन की ओर से 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। शेष दो की शिनाख्त की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

कौन था पापाराव?

पापाराव माओवादी संगठन का एक बेहद खूंखार और रसूखदार चेहरा था। उसके बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

इनाम: उस पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।

पद: वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य और माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा था।

इतिहास: मूल रूप से तेलंगाना के जगतियाल का रहने वाला पापाराव करीब दो दशकों से बस्तर में सक्रिय था।

दंतेवाड़ा हमला: उसका नाम साल 2010 के ताड़मेटला (दंतेवाड़ा) हमले से जुड़ा था, जिसमें CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: बीते वर्ष नवंबर में एक मुठभेड़ के दौरान उसकी पत्नी उर्मिला भी मारी गई थी।

खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को नेशनल पार्क क्षेत्र में बड़ी संख्या में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और अन्य संयुक्त बलों ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खुद को घिरा देख माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।

‘नक्सल मुक्त भारत’ की ओर बढ़ते कदम

यह कार्रवाई पिछले एक वर्ष में माओवाद के खिलाफ सबसे बड़े प्रहारों में से एक मानी जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य के तहत बस्तर संभाग में सुरक्षाबल आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं, जिससे माओवादी संगठन की कमर टूटती नजर आ रही है।