साइबर एक्सपर्ट’ निकला शातिर ठग: जांच के बहाने उड़ाए ₹30 करोड़, पुलिस कांस्टेबल के साथ मिलकर रची थी साजिश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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साइबर एक्सपर्ट’ निकला शातिर ठग: जांच के बहाने उड़ाए ₹30 करोड़, पुलिस कांस्टेबल के साथ मिलकर रची थी साजिश
रायपुर/मुंबई: साइबर अपराध की गुत्थी सुलझाने के लिए बुलाया गया एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर खुद ही करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड निकला। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रहने वाले सॉफ्टवेयर डेवलपर गौरव हरीश मेहता को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ₹30 करोड़ के क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले में एक पुलिस कांस्टेबल की मिलीभगत ने सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी गौरव मेहता को एक साइबर विशेषज्ञ के रूप में जांच में मदद के लिए बुलाया गया था। लेकिन मदद करने के बजाय, उसने कथित तौर पर अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का दुरुपयोग किया और ₹30 करोड़ मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी हड़प ली। जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में एक पुलिस कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने इस धोखाधड़ी के संबंध में मुंबई के एमआरए मार्ग पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
गिरफ्तारी: आरोपी गौरव हरीश मेहता को गिरफ्तार किया गया है।
अदालती कार्यवाही: गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी का पता लगाने की कोशिश कर रही है।











