बड़ी कार्रवाई: दुर्ग जिला दण्डाधिकारी ने डॉ. दुष्यंत खोसला को किया जिला बदर, 6 पड़ोसी जिलों की सीमाओं से भी रहना होगा बाहर

 बड़ी कार्रवाई: दुर्ग जिला दण्डाधिकारी ने डॉ. दुष्यंत खोसला को किया जिला बदर, 6 पड़ोसी जिलों की सीमाओं से भी रहना होगा बाहर

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बड़ी कार्रवाई: दुर्ग जिला दण्डाधिकारी ने डॉ. दुष्यंत खोसला को किया जिला बदर, 6 पड़ोसी जिलों की सीमाओं से भी रहना होगा बाहर

दुर्ग। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने एक कड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए, अहिवara निवासी डॉ. दुष्यंत खोसला को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर घोषित कर दिया गया है।

08 जनवरी 2026 को जारी इस आदेश के अनुसार, अनावेदक डॉ. दुष्यंत खोसला (पिता हरजिंदर खोसला) को दुर्ग जिले सहित छह पड़ोसी जिलों—रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी की सीमाओं से एक सप्ताह के भीतर बाहर जाना होगा। अगले एक साल तक वह बिना सक्षम अनुमति के इन क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

इन कारणों से हुई कार्रवाई:

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर, डॉ. दुष्यंत खोसला (संचालक सांई क्लीनिक, अहिवारा) के विरुद्ध थाना नंदिनी नगर में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे 05 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रतिष्ठित नागरिकों और अधिकारियों के विरुद्ध झूठी शिकायतें कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। उसके बढ़ते आतंक और उपद्रवी व्यवहार के कारण आम जनता में भय का माहौल था, जिससे लोग गवाही देने से भी डरते थे। पूर्व की प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का आरोपी पर कोई सुधार न दिखने के कारण, लोक व्यवस्था के हित में जिला दण्डाधिकारी ने यह एकपक्षीय जिला बदर की कार्रवाई की है।