अंबिकापुर में बाघ का शिकार: करंट लगाकर उतारा मौत के घाट, नाखून और दांत गायब; वन विभाग में मचा हड़कंप
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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अंबिकापुर में बाघ का शिकार: करंट लगाकर उतारा मौत के घाट, नाखून और दांत गायब; वन विभाग में मचा हड़कंप
मुख्य बिंदु:
स्थान: अंबिकापुर वन मंडल के अंतर्गत आने वाले घने जंगल का क्षेत्र।
कारण: शिकारियों द्वारा बिछाए गए बिजली के करंट वाले तारों की चपेट में आने से बाघ की मौत।
क्रूरता: शिकारियों ने बाघ के शव से नाखून और दांत निकाल लिए हैं।
जांच: डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर, अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंबिकापुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल में एक वयस्क बाघ का शव बरामद हुआ है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बाघ की मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि अवैध शिकार का परिणाम है।
यह शिकारियों द्वारा वन्यजीवों के लिए बिछाए गए फंदे का परिणाम है।
आगे की जांच और कार्रवाई:
इस गंभीर घटना के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड की मदद से सबूत जुटाए जा रहे हैं और फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। अज्ञात शिकारियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग ने इस मामले में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है और आसपास के गांवों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण पर चिंता:
इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। अवैध शिकार और वन्यजीव अंगों की तस्करी एक गंभीर समस्या है जो दुर्लभ प्रजातियों के अस्तित्व को खतरे में डाल रही है। वन विभाग और प्रशासन इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चुनौतियों को उजागर करती हैं।
वन्यजीव अपराधों की रिपोर्ट करने या अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट (WTI) या राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की वेबसाइट देख सकते हैं।








