कुख्यात गैंगस्टर अमन साव का करीबी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा रायपुर लाया जा रहा है; कई गंभीर मामले दर्ज

 कुख्यात गैंगस्टर अमन साव का करीबी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा रायपुर लाया जा रहा है; कई गंभीर मामले दर्ज

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

*************************

 

 

 

कुख्यात गैंगस्टर अमन साव का करीबी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा रायपुर लाया जा रहा है; कई गंभीर मामले दर्ज

रायपुर,झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साव के करीबी गुर्गे मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को पुलिस रायपुर लेकर आ रही है। मयंक सिंह पर गैंगबाजी, शूटआउट, हत्या के प्रयास, और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसे अजरबैजान से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद झारखंड की जेल में रखा गया था, और अब रायपुर पुलिस उसे यहां दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए ला रही है।

तेलीबांधा शूटआउट मामले में आया था नाम
जुलाई 2024 में राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित पीआरए ग्रुप (सड़क निर्माण और परिवहन से जुड़ी एक ठेका कंपनी) के दफ्तर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में मयंक सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गैंगस्टर अमन साव सहित एक दर्जन से ज्यादा गुर्गों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला था कि मयंक सिंह देश से बाहर, अजरबैजान में बैठकर, सोशल मीडिया के माध्यम से गैंग के लिए धमकियां देने और रंगदारी मांगने का काम संभालता था।


सोशल मीडिया पर दी थी धमकियां
आरोप के मुताबिक, मई 2024 में रायपुर पुलिस ने शूटआउट की योजना बनाते हुए हरियाणा और झारखंड से आए कुछ शूटरों को पकड़ा था। इसी दौरान मयंक सिंह ने कथित तौर पर पीआरए ग्रुप को सोशल मीडिया पर धमकाते हुए कहा था कि गैंग में शूटरों की कमी नहीं है और मांगें पूरी नहीं होने पर “गोली चलेगी और निशाना नहीं चूकेगा”।
इन धमकियों के ठीक दो महीने बाद, जुलाई 2024 में, दो शूटरों ने बाइक पर आकर तेलीबांधा दफ्तर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस घटना के बाद रायपुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक महीने के भीतर अमन साव और उससे जुड़े 12 से ज्यादा आरोपियों और शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था।


अमन साव का एनकाउंटर

इस मामले के मुख्य आरोपी अमन साव को अक्टूबर 2024 में प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया गया था। हालांकि, मार्च 2025 में रायपुर से वापस झारखंड ले जाते समय, उसने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चलाकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया था।
पुलिस जांच में तेजी
मयंक सिंह की गिरफ्तारी और उसे रायपुर लाए जाने के बाद, माना जा रहा है कि पुलिस पीआरए ग्रुप मामले और गैंग से जुड़े अन्य मामलों में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा सकेगी। 26 मई 2024 को भी भाठागांव में पीआरए ग्रुप पर हमला करने आए दो शूटरों को रायपुर पुलिस ने पकड़ा था, जिसके बाद झारखंड से भी चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। अब मयंक सिंह से पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट के और भी राज खुलने की उम्मीद है।