छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानवता हुई शर्मसार मंदिर की चौखट में लावारिस हालत में मिली दूधमुंही बच्ची
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानवता हुई शर्मसार मंदिर की चौखट में लावारिस हालत में मिली दूधमुंही बच्ची
दुर्ग, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र के खर्रा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ हनुमान मंदिर के दरवाजे पर एक दो दिन की नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली है। किसी अज्ञात मां ने अपनी दूधमुंही बच्ची को सर्दी के मौसम में मंदिर की चौखट पर छोड़ दिया
सुबह-सुबह मंदिर से आई मासूम की रोने की आवाज
यह हृदय विदारक घटना गुरुवार सुबह की है, जब गांव के कुछ युवक सैर के लिए निकले थे। उन्हें मंदिर के पास से एक मासूम के रोने की हल्की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर उन्होंने पाया कि एक नवजात बच्ची ठंड में कपड़ों में लिपटी हुई रो रही थी। युवकों ने तुरंत गांव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बच्ची को सर्दी से बचाने का इंतजाम किया
पुलिस ने नवजात को अस्पताल भेजा, परिजनों की तलाश जारी
आसपास के इलाकों में पूछताछ के बावजूद बच्ची के माता-पिता या परिवार का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद ग्रामीणों ने रानीतराई पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, नवजात को अपने कब्जे में लिया और बेहतर देखभाल व स्वास्थ्य जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में बच्ची का इलाज और देखभाल हो रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बच्ची के माता-पिता की तलाश में आसपास के गांवों और संभावित जगहों पर पूछताछ कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके के लोग स्तब्ध और दुखी हैं
कानूनी पहलू और आगे की कार्रवाई
पुलिस भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। यदि बच्ची के माता-पिता का पता नहीं चलता है, तो कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को सौंप दिया जाएगा और उसे गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
यदि आप मदद करना चाहते हैं
यदि आपके पास इस बच्ची के माता-पिता के बारे में कोई जानकारी है, तो आप स्थानीय रानीतराई पुलिस थाने से संपर्क कर सकते हैं या चाइल्डलाइन इंडिया के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सकते हैं।








