रायपुर और बालाघाट के मेडिकल कारोबारी उपलब्ध कराते थे नशीली दवा, गिरफ्तार

 रायपुर और बालाघाट के मेडिकल कारोबारी उपलब्ध कराते थे नशीली दवा, गिरफ्तार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

 

नशीली दवाओं की तस्करी मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी

मेडिकल दुकान संचालकों के अलावा एक महिला भी पकड़ी गई

मामले में एक युवती की भी गिरफ्तारी की गई है।

 

बिलासपुर। नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में पुलिस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर में नशीली दवा बेचने वाली महिलाओं से मिली जानकारी के अनुसार सीएसपी सिविल लाइन के नेतृत्व में एक टीम ने रायपुर के एक दवा व्यवसायी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कोतवाली सीएसपी के नेतृत्व में बालाघाट से एक सप्लायर को पकड़कर बिलासपुर लाया गया। मामले में एक युवती की भी गिरफ्तारी की गई है।

सिविल लाइन और एसीसीयू की टीम ने कुछ दिन पहले मिनी बस्ती में दबिश देकर तीन महिलाओं और एक नाबालिग को नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में पता चला कि रायपुर में रहने वाले विक्रान्त सरकार और रविशंकर मरकाम नशीली दवाओं की सप्लाई करते हैं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को गिरफ्तार कर 31 लाख की नशीली दवाईयां जब्त की। दोनों ने पूछताछ में बताया कि तेलीबांधा में संचालित राजधानी मेडिकल स्टोर का संचालक नवीन अजवानी उन्हें नशीली दवाईयां उपलब्ध कराता है। साथ ही मध्यप्रदेश के बालाघाट में रहने वाले शेख जावेद से भी वे नशीली दवाईयां लेकर आते हैं। इसके बाद सिविल लाइन सीएसपी निमितेष सिंह के नेतृत्व में एक टीम को रवाना किया गया। टीम ने तेलीबांधा में दबिश देकर मेडिकल स्टोर संचालक नवीन को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली सीएसपी अक्षय सबद्रा के नेतृत्व में एक टीम को बालाघाट रवाना किया गया। टीम ने वहां से शेख जावेद को पकड़ लिया। इधर सिविल लाइन टीम ने मामले में मिनी बस्ती में रहने वाली रेशमा कुर्रे को गिरफ्तार किया है। तीनों को पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।

व्यापारियों ने किया विरोध

 

सिविल लाइन सीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम मेडिकल व्यवसायी को गिरफ्तार करने रायपुर गई थी। इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में व्यवसायी वहां पहुंच गए। व्यापारियों ने मेडिकल व्यवसायी की गिरफ्तारी का विरोध किया। इधर पुख्ता जानकारी के आधार पर पहुंची पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए अड़ी थी। रायपुर पुलिस की समझाइश के बाद व्यवसायी शांत हुए। इसके बाद व्यापारी को बिलासपुर लाया गया।