अमलेश्वर ज्वेलर्स हत्याकांड: बेटे के मोबाइल पर लाइव दिखा पिता का मर्डर, 4 को मिली दोहरी उम्रकैद

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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अमलेश्वर ज्वेलर्स हत्याकांड: बेटे के मोबाइल पर लाइव दिखा पिता का मर्डर, 4 को मिली दोहरी उम्रकैद

दुर्ग/पाटन:दुर्ग जिले के अमलेश्वर स्थित ‘समृद्धि ज्वेलर्स’ में हुई बहुचर्चित हत्या और सनसनीखेज डकैती मामले में पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर की अदालत ने मामले के चारों आरोपियों—अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा, अभय कुमार भारती उर्फ बाबू, सौरभ कुमार सिंह और आलोक कुमार यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला 10 सितंबर को सुनाया।

मोबाइल पर लाइव CCTV फुटेज बना फैसले का सबसे बड़ा आधार

20 अक्टूबर 2022 को हुई इस वारदात को सुलझाने और आरोपियों को सजा दिलाने में मृतक सुरेंद्र सोनी के बेटे तनिष्क की सूझबूझ और दुकान का लाइव CCTV कैमरे का कनेक्शन सबसे अहम कड़ी साबित हुआ:

लाइव फुटेज में दिखी हरकत: वारदात के दिन दोपहर 12:30 बजे दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में घुसे। दोपहर करीब 1:00 बजे जब बेटे तनिष्क ने अपने मोबाइल पर दुकान की लाइव CCTV स्ट्रीम देखी, तो आरोपी काउंटर के अंदर घुसकर लॉकर से जेवर चुराते दिखे, जबकि पिता सुरेंद्र सोनी गायब थे।

मौके पर पहुंचा बेटा: दृश्य देखते ही तनिष्क बाइक से दुकान की ओर भागा। रास्ते में उसने तीन संदिग्धों को एक ही बाइक पर भागते देखा। दुकान पहुँचने पर सुरेंद्र सोनी खून से लथपथ पड़े मिले।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: पुलिस ने मौके से DVR जब्त कर धारा 65B के तहत प्रमाण-पत्र के साथ कोर्ट में पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक सबूत पेश किए।

यूपी-बिहार से जुड़े थे तार, वाराणसी से हुई थी गिरफ्तारी

हत्याकांड को अंजाम देने वाले चारों अपराधी अंतरराज्यीय गिरोह से ताल्लुक रखते हैं:

अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा (वैशाली, बिहार)

सौरभ कुमार सिंह (गया, बिहार)

आलोक कुमार यादव (छपरा, बिहार)

अभय कुमार भारती उर्फ बाबू (चंदौली, उत्तर प्रदेश)

लूट और हत्या के बाद फरार हुए आरोपियों को पुलिस ने वाराणसी (यूपी) से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। वारदात के स्थल से 7.65 एमएम के 4 खाली कारतूस, एक जिंदा कारतूस और देशी कट्टे का खोखा बरामद किया गया था।

कोर्ट का फैसला: सजा और जुर्माने का ब्योरा

बचाव पक्ष ने आरोपियों का पहला अपराध बताते हुए कम सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने अपराध की विभीषिका को देखते हुए खारिज कर दिया। Court ने मुख्य सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है:धारा / अधिनियमदी गई सजाजुर्माना

BNS धारा 302/34 (हत्या व समान आशय)आजीवन कारावास₹5,000 (प्रत्येक)

धारा 449/34 (गृह-अतिचार)10 वर्ष का सश्रम कारावास₹1,000 (प्रत्येक)

धारा 397/34 (घातक हथियार के साथ डकैती)7 वर्ष का सश्रम कारावास₹1,000 (प्रत्येक)

आयुध अधिनियम 25(1), 27(3) (अवैध हथियार – अभय व सौरभ)दोहरी उम्रकैद + 2 वर्ष₹5,500 (अतिरिक्त)तकरीबन 3 साल 11 महीने चले लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। कोर्ट के इस सख्त रुख ने अवैध हथियारों से लूट और हत्या करने वाले अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है।