मंदिर हसौद लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा: कंपनी का ऑफिस बॉय ही निकला ₹10 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर रची थी साजिश

 मंदिर हसौद लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा: कंपनी का ऑफिस बॉय ही निकला ₹10 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर रची थी साजिश

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

******************************

 

 

मंदिर हसौद लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा: कंपनी का ऑफिस बॉय ही निकला ₹10 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर रची थी साजिश

रायपुर: राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कंपनी के अकाउंटेंट से चाकू की नोक पर हुई ₹10 लाख की अंधाधुंध लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित कंपनी का ही बेहद भरोसेमंद ऑफिस बॉय निकला। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपियों और पीड़ित की पूरी जानकारी (नाम व पता)

मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड): दिनेश राव (उम्र 22 वर्ष), मूल निवासी- गंजम जिला (ओडिशा), वर्तमान निवासी- रायपुर (कंपनी का ऑफिस बॉय)।सह-आरोपी 1 (दिनेश का भाई): दिनेश की बुआ का लड़का (सगा ममेरा भाई – फिलहाल फरार, तलाश जारी)।सह-आरोपी 2 (भाई का दोस्त): भाई का एक अन्य साथी (फिलहाल फरार, तलाश जारी)।लूट का शिकार (पीड़ित): सागर डेहरिया (कंपनी के अकाउंटेंट)।कंपनी के मालिक: अतुल अग्रवाल, समता कॉलोनी रायपुर (कंस्ट्रक्शन कंपनी संचालक)।

इस तरह रची गई लूट की पूरी कहानी

पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश राव ने कुबूल किया कि उसके ऊपर करीब ₹1 लाख का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने करीब एक महीने पहले ही इस लूट की योजना बनाई थी।कैश मूवमेंट की थी सटीक जानकारी: दिनेश को दोपहर में ही पता चल गया था कि नवा रायपुर के सेक्टर-26 में चल रहे प्रोजेक्ट के लिए मजदूरों के भुगतान (लेबर पेमेंट) हेतु ₹10 लाख भेजे जाने हैं। उसे यह भी मालूम था कि अकाउंटेंट सागर डेहरिया किस रास्ते से नकदी लेकर निकलेगा।

भाई और दोस्त को रायपुर बुलाया:

दिनेश ने फौरन अपने ममेरे भाई और उसके दोस्त को योजना के तहत बुलाया। जब सागर डेहरिया सेरीखेड़ी से नया रायपुर के सुनसान रास्ते की ओर निकला, तो दिनेश खुद दोपहिया वाहन से उसका पीछा करने लगा और फोन पर अपने भाई को लगातार लोकेशन अपडेट देता रहा।चाकू दिखाकर बैग छीना: ओवरब्रिज के पास मौका पाकर दिनेश के भाई और उसके साथी ने अकाउंटेंट सागर की बाइक रुकवाई, चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

पुलिस को ऐसे हुआ संदेह और इस तरह पकड़ाया आरोपी

वारदात के बाद पुलिस जब कंपनी के सभी कर्मचारियों को संदेह के घेरे में रखकर पूछताछ कर रही थी, तब ऑफिस बॉय दिनेश राव बार-बार अपने बयान बदल रहा था। पुलिस को उसकी हरकतों पर शक हुआ। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो दिनेश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।लूट को अंजाम देने के बाद तीनों अमलेश्वर इलाके में मिले थे, जहां दिनेश ने दोनों साथियों को ₹30-30 हजार रुपए दिए और बाकी की रकम अपने पास रख ली थी।

पुलिस की बरामदगी

पुलिस ने आरोपी दिनेश राव की निशानदेही पर निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:₹9,70,000 (नौ लाख सत्तर हजार रुपये) की नगद राशि।घटना में इस्तेमाल की गई सुजुकी बर्गमैन स्कूटर (CG-04-QK-6037)।मास्टरमाइंड का मोबाइल फोन।मंदिर हसौद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दिनेश राव को जेल भेज दिया है, वहीं फरार चल रहे उसके भाई और दोस्त की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।