किन्नरों की पिटाई से ट्रेन में हुई थी युवक की मौत, RPF के दो उपनिरीक्षक निलंबित; आरोपियों की तलाश जारी
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार
गोंडवाना एक्सप्रेस में किन्नरों की पिटाई से युवक की मौत।
रेलवे सुरक्षा बल ने दो उप निरीक्षकों को निलंबित किया।
आरोपी किन्नरों की तलाश के लिए दिल्ली भेजी पुलिस टीम।
विदिशा। गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में किन्नरों की पिटाई से युवक की मौत के मामले में रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने आरपीएफ के दो उप निरीक्षकों को निलंबित कर दिया। पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
युवक से पिटाई के आरोपी किन्नरों की धरपकड़ के लिए विदिशा जिले के गंजबासौदा थाने की पुलिस टीम दिल्ली गई है। सूचना है कि आरोपी किन्नर दिल्ली के आसपास के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ युवक की हत्या का मामला दर्ज है।
बता दें कि 13 मार्च को भोपाल से विदिशा जाने के दौरान गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में विदिशा की अयोध्या बस्ती निवासी आदर्श विश्वकर्मा की किन्नरों ने पिटाई की। उसे स्टेशन पर नहीं उतरने दिया। इसका वीडियो वायरल हुआ।अगले दिन आदर्श का शव गंजबासौदा स्टेशन से करीब दो किलोमीटर पहले झाड़ियों में पड़ा मिला। माना जा रहा है कि उसे पीटने के बाद ट्रेन के नीचे फेंक दिया गया, लेकिन इस मामले में रेलवे पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

ट्रेनों में अवैध रूप से घूमने वाले किन्नरों पर होगी कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त प्रशांत यादव ने बताया कि घटना में आरपीएफ की लापरवाही पर दो पुलिस उप निरीक्षकों को निलंबित किया है। सभी आरपीएफ थाने-चौकियों को ट्रेनों में अवैध रूप से आने वाले किन्नरों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
ट्रेनों में किन्नर अवैध रूप से घूमते पाए गए तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह के मामलों में आरपीएफ या स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दें।
सुरक्षा आयुक्त का कहना है कि उस दिन की घटना के दौरान किसी भी यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर तक में फोन नहीं लगाया। युवक के पहचान वाले कुछ लोग विदिशा स्टेशन पर उतरे, लेकिन वहां भी किसी ने आरपीएफ जवान या जीआरपी में सूचना नहीं दी। कोई सूचना देता तो तत्काल कार्रवाई हो जाती।
उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में तुरंत 139 पर फोन करके सूचना दें या रेल मदद एप से भी शिकायत कर सकते हैं।





