चक्रवात ‘अर्नब’ का छत्तीसगढ़ में तांडव: बस्तर से सरगुजा तक रेड अलर्ट, स्कूल बंद, NDRF-SDRF तैनात और सीएम का दौरा रद्द!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
***********************************
चक्रवात ‘अर्नब’ का छत्तीसगढ़ में तांडव: बस्तर से सरगुजा तक रेड अलर्ट, स्कूल बंद, NDRF-SDRF तैनात और सीएम का दौरा रद्द!
रायपुर: बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। चक्रवात के चलते प्रदेश के मौसम में अचानक भारी बदलाव आया है। राज्य के दक्षिणी हिस्सों (बस्तर संभाग) से लेकर उत्तरी इलाकों (सरगुजा संभाग) में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप जारी है।
🚨 रेड अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश में 50 से 90 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और तूफानी हवाएं चल रही हैं।
दक्षिण एवं मध्य छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग): दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और आसपास के इलाकों में अति-भारी बारिश (200 मिमी से अधिक) के कारण रेड अलर्ट घोषित है।
उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा व बिलासपुर संभाग): कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में आगामी 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी रायपुर: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
🏫 स्कूल बंद, ट्रेनें रद्द और जनजीवन अस्त-व्यस्त
स्कूलों में अवकाश: चक्रवात के खतरे को देखते हुए दंतेवाड़ा, सुकमा समेत कई प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों व आंगनबाड़ियों में छुट्टी घोषित कर दी है।
रेल यातायात प्रभावित: चक्रवाती तूफान के चलते सुरक्षा के लिहाज से बस्तर और आंध्र प्रदेश सीमा से गुजरने वाली 5 ट्रेनों को रद्द किया गया है तथा कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।
सीएम विष्णु देव साय का दौरा रद्द: खराब मौसम और दृश्यता कम होने के कारण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सूरजपुर और बलरामपुर दौरा रद्द करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने वर्चुअली जुड़कर विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
🛠️ प्रशासन की तैयारियां: NDRF, SDRF और कंट्रोल रूम सक्रिय
राज्य सरकार और जिला प्रशासन आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं:
आपदा मोचन बल तैनात: बस्तर, रायपुर और सरगुजा संभाग में NDRF, SDRF और होमगार्ड की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
24×7 कंट्रोल रूम: बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे काम करने वाला इमरजेंसी कंट्रोल रूम (हेल्पलाइन) शुरू किया गया है।
निचले इलाकों से निकासी: संवेदनशील व नदी-नालों के किनारे बसे इलाकों से लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🌾 किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी
कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने चक्रवात ‘अर्नब’ को देखते हुए किसानों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:
सलाह: किसान धान की कटाई फिलहाल टाल दें। जो फसल कट चुकी है, उसे तुरंत सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर पहुंचाएं या तिरपाल से ढकें। खेतों में जल निकासी (जलभराव रोकने) की तत्काल व्यवस्था करें ताकि फसलें खराब न हों।
⚠️ नागरिकों से अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज आंधी के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।





