सांसद रूपकुमारी चौधरी ने संसद में उठाई महासमुंद की 35 साल पुरानी मांग, आरंग-संबलपुर नई रेल लाइन की पुरजोर वकालत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
****************************
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने संसद में उठाई महासमुंद की 35 साल पुरानी मांग, आरंग-संबलपुर नई रेल लाइन की पुरजोर वकालत
नई दिल्ली/महासमुंद:महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने गुरुवार को संसद के पटल पर अपने क्षेत्र की दशकों पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरंग-पिथौरा-बसना-सरायपाली से लेकर ओडिशा के बरगढ़-संबलपुर तक नई रेल लाइन के निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए अपरिहार्य बताया।

35 वर्षों का संघर्ष और जनभावनाओं का सम्मान
सदन को संबोधित करते हुए सांसद ने अवगत कराया कि इस रेल लाइन की मांग पिछले 35 वर्षों से निरंतर की जा रही है। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़-ओडिशा संघर्ष समिति’ के लंबे संघर्ष का सम्मान करते हुए उनकी आवाज को देश के सर्वोच्च सदन तक पहुँचाया। श्रीमती चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह रेल परियोजना केवल पटरी बिछाने का कार्य नहीं है, बल्कि लाखों नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक है।
कृषि और व्यापार के लिए खुलेगा ‘विकास का द्वार’
क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि यह अंचल मुख्य रूप से कृषि प्रधान है। वर्तमान में सुलभ परिवहन के अभाव में किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता। नई रेल लाइन जुड़ने से फसलें सीधे बड़े थोक बाजारों तक पहुंच सकेंगी, जिससे किसानों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि होगी।
युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
सांसद ने जोर देकर कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि दशकों से लंबित इस मांग को जनहित में शीघ्र प्राथमिकता दी जाए, ताकि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच व्यापारिक व सामाजिक संबंध और अधिक सुदृढ़ हो सकें।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “यह केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों नागरिकों के संघर्ष और उनके बेहतर भविष्य की उम्मीद है।”





