भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ बन रहा ‘नशे का गढ़’: कांग्रेस पार्षद विजय साव ने जताई युवाओं के भविष्य पर चिंता
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ बन रहा ‘नशे का गढ़’: कांग्रेस पार्षद विजय साव ने जताई युवाओं के भविष्य पर चिंता
महासमुंद: प्रदेश में लगातार सामने आ रहे अफीम की अवैध खेती के मामलों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस पार्षद विजय साव ने प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ अब ‘धान के कटोरे’ की जगह ‘नशे का गढ़’ बनता जा रहा है।
विजय साव द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु:
सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा: दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार (आमाघाट) में खेत में अफीम की खेती पकड़े जाना इस बात का सबूत है कि यह कारोबार पूरे प्रदेश में जड़ें जमा चुका है।
युवाओं का भविष्य दांव पर: साव ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो प्रदेश के युवाओं का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
सत्ता का संरक्षण: उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्ग जिले में भाजपा के स्थानीय नेता की संलिप्तता सामने आने के बाद यह स्पष्ट है कि इस काले कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
प्रशासन की विफलता: बलरामपुर और अब रायगढ़ में हुई कार्रवाईयां दर्शाती हैं कि राज्य का खुफिया और प्रशासनिक तंत्र अवैध नशे की खेती को रोकने में विफल रहा है।
15 दिनों में तीसरा बड़ा मामला
छत्तीसगढ़ में पिछले दो हफ्तों में अफीम की खेती के चार बड़े मामले सामने आए हैं:
दुर्ग (7 मार्च): भाजपा किसान मोर्चा के तत्कालीन नेता के फार्महाउस पर अवैध खेती का खुलासा।
बलरामपुर (10-12 मार्च): जिले के कुसमी और कोरंधा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अफीम जब्त।
रायगढ़ (20 मार्च): तमनार के आमाघाट में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में अफीम की फसल का भंडाफोड़।
पार्षद विजय साव ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि इस सिंडिकेट के पीछे छिपे बड़े नामों का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।





