भाजपा नेताओं के संरक्षण में नशे का काला कारोबार, युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – विजय साव (कांग्रेस पार्षद, महासमुंद)
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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भाजपा नेताओं के संरक्षण में नशे का काला कारोबार, युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – विजय साव (कांग्रेस पार्षद, महासमुंद)
महासमुंद: छत्तीसगढ़ के शांत वातावरण में नशे की खेती के जहर ने प्रदेशवासियों को स्तब्ध कर दिया है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकार के फार्महाउस पर पुलिस और प्रशासन ने छापा मारकर लगभग 8 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम की फसल जब्त की है। यह अवैध खेती करीब 5 एकड़ से अधिक भूमि पर मक्के और गेहूं की फसल के बीच छिपाकर की जा रही थी।
इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में भी लगभग 5 एकड़ में फैली अफीम की अवैध फसल का पता चला है, जहां ग्रामीण सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
कांग्रेस पार्षद विजय साव की कड़ी प्रतिक्रिया
महासमुंद के वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद विजय साव ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता और भाजपा नेताओं की संलिप्तता का प्रमाण बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा:
युवा पीढ़ी पर खतरा: “भाजपा नेता के फार्महाउस से करोड़ों की अफीम मिलना यह दर्शाता है कि सत्ताधारी दल के लोग ही प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के गर्त में धकेलने का षड्यंत्र रच रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है।”
उच्च स्तरीय जांच की मांग: विजय साव ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच (CBI जांच) होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
सरकार पर प्रहार: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में छत्तीसगढ़ अब ‘नशे का गढ़’ बनता जा रहा है। समोदा की घटना केवल एक बानगी है, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के अवैध कार्यों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका है।
मामले के मुख्य बिंदु:
जब्ती और कार्रवाई: दुर्ग पुलिस ने मौके से करीब 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य आरोपी (राजस्थान से जुड़े) फरार हैं।
राजनीतिक हलचल: मामले के तूल पकड़ते ही भाजपा ने विनायक ताम्रकार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी घटना स्थल का दौरा कर सरकार से पूछा है





