छत्तीसगढ़ में होली पर ‘ड्राई डे’ का यू-टर्न: 500 करोड़ के कारोबार का अनुमान, दुकानों पर उमड़ा जनसैलाब!

 छत्तीसगढ़ में होली पर ‘ड्राई डे’ का यू-टर्न: 500 करोड़ के कारोबार का अनुमान, दुकानों पर उमड़ा जनसैलाब!

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में होली पर ‘ड्राई डे’ का यू-टर्न: 500 करोड़ के कारोबार का अनुमान, दुकानों पर उमड़ा जनसैलाब!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में इस साल होली के त्यौहार पर शराब की बिक्री और सरकारी फैसलों को लेकर भारी हलचल मची हुई है। विपक्षी दलों के तीखे विरोध और सामाजिक दबाव के आगे झुकते हुए साय सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति में बड़ा बदलाव किया है। होली पर शराब दुकानें खुली रखने के फैसले को पलटते हुए अब पूरे प्रदेश में ‘शुष्क दिवस’ (Dry Day) घोषित कर दिया गया है।

सरकार का बड़ा यू-टर्न: जनभावना के आगे झुकी सत्ता

आबकारी नीति 2026-27 के तहत पहले होली को ड्राई डे की सूची से बाहर रखा गया था, जिसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना था। लेकिन चौतरफा विरोध के बाद सरकार ने अपना फैसला बदल दिया। अब होली के दिन छत्तीसगढ़ में देशी-विदेशी शराब की दुकानें, बार, क्लब और यहाँ तक कि सरकारी भांग की दुकानें भी पूरी तरह बंद रहेंगी।

स्टॉक जमा करने की मची होड़: 500 करोड़ का आंकड़ा छूने की उम्मीद

चूँकि आज दुकानें बंद हैं, इसलिए पिछले 2-3 दिनों से शराब दुकानों पर “कुंभ के मेले” जैसी स्थिति देखी गई। लोग त्यौहार का कोटा जमा करने के लिए कतारों में लगे रहे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार होली सीजन में बिक्री का आंकड़ा 500 करोड़ रुपये को पार कर सकता है। यह पिछले साल (2025) के आंकड़ों की तुलना में कहीं अधिक है, जब होली के आसपास लगभग 72 करोड़ की दैनिक औसत बिक्री दर्ज की गई थी।

अवैध कारोबारियों पर प्रशासन की टेढ़ी नजर

छुट्टी के दिन शराब की कालाबाजारी और ‘कोचियागिरी’ (अवैध बिक्री) को रोकने के लिए आबकारी विभाग और पुलिस अलर्ट मोड पर है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि:

अवैध भंडारण या परिवहन करते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

नियम तोड़ने वाले होटलों और रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।

बॉर्डर इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

नया नियम: अब साल में केवल 4 स्थायी ड्राई डे

सरकार ने वार्षिक ड्राई डे की संख्या को 7 से घटाकर अब सिर्फ 4 कर दिया है (26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर और 18 दिसंबर)। हालांकि, होली जैसी विशेष परिस्थितियों में जनभावना का सम्मान करते हुए सरकार को अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेना पड़ा है।