शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी; कोर्ट के बाहर फफक-फफक कर रो पड़े केजरीवाल

 शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी; कोर्ट के बाहर फफक-फफक कर रो पड़े केजरीवाल

शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी; कोर्ट के बाहर फफक-फफक कर रो पड़े केजरीवाल

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए आज का दिन बड़ी राहत और भावुक पलों से भरा रहा। शराब नीति से जुड़े सीबीआई (CBI) मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से मुक्त (Discharge) कर दिया है।

भावुक हुए केजरीवाल: “मैंने केवल ईमानदारी कमाई है”

कोर्ट का फैसला आने के बाद जब केजरीवाल बाहर आए, तो वे मीडिया से बात करते हुए अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा:

“मुझ पर कीचड़ उछाला गया”: केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से भाजपा ने उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए, लेकिन आज कोर्ट ने उन सभी को सिरे से खारिज कर दिया है।

“मैं कट्टर ईमानदार हूं”: भावुक होते हुए उन्होंने दोहराया, “केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में केवल ईमानदारी ही कमाई है। आज कोर्ट ने भी साबित कर दिया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं”।

षड्यंत्र का आरोप: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था ताकि ‘आप’ को खत्म किया जा सके।

परिवार से मिलते ही छलके आंसू

कोर्ट से बरी होने के बाद जब केजरीवाल अपने घर पहुंचे, तो वहां का माहौल और भी भावुक हो गया। उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल और बच्चों को गले लगा लिया और काफी देर तक फफक-फफक कर रोते रहे। सुनीता केजरीवाल ने उन्हें सहारा दिया और ढांढस बंधाया।

अदालत का फैसला और राजनीतिक मायने

अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की है।

यह फैसला अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है, जिन्होंने इस मामले के कारण 2024 में जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस फैसले के बाद जश्न का माहौल है।