रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की उल्टी गिनती शुरू: कौन बनेगा शहर का पहला ‘पुलिस कप्तान’? संजीव शुक्ला और रामगोपाल गर्ग के नामों पर बढ़ी हलचल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
*******************************
रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की उल्टी गिनती शुरू: कौन बनेगा शहर का पहला ‘पुलिस कप्तान’? संजीव शुक्ला और रामगोपाल गर्ग के नामों पर बढ़ी हलचल
रायपुर, : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 23 जनवरी से एक ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव की साक्षी बनने जा रही है। शहर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली (Police Commissioner System) लागू होने में अब चंद दिन ही शेष हैं, जिसके साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर कौन होगा? इस महत्वपूर्ण पद को लेकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) से लेकर मंत्रालय के गलियारों तक अटकलों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कमिश्नर की रेस में दिग्गज आईपीएस
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के पद के लिए कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम रेस में सबसे आगे हैं। इनमें संजीव शुक्ला (आईजी, बिलासपुर रेंज) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। उनके साथ ही रामगोपाल गर्ग (आईजी, दुर्ग रेंज) के नाम पर भी गंभीर मंथन जारी है। दोनों ही अधिकारियों का फील्ड अनुभव और कानून-व्यवस्था पर पकड़ उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार बनाती है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ अधिकारी बीएन मीणा और अजय यादव के नामों की भी चर्चा है।
जॉइंट कमिश्नर पद के लिए भी कड़ा मुकाबला
कमिश्नर के साथ-साथ जॉइंट पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति को लेकर भी सस्पेंस बरकरार है। इस पद के लिए विजय अग्रवाल और डॉ. लाल उमेद सिंह के नामों पर विचार किया जा रहा है। विजय अग्रवाल अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, वहीं डॉ. लाल उमेद सिंह की पहचान एक अनुशासित रणनीतिकार के रूप में है।
23 जनवरी से बदल जाएगी पुलिसिंग
23 जनवरी से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस को दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और अन्य अधिनियमों के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्राप्त होंगी। इससे कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसलों, धरना-प्रदर्शन की अनुमति और अपराध नियंत्रण के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) पर निर्भरता कम होगी, जिससे पुलिसिंग अधिक प्रभावी और त्वरित हो सकेगी।
फिलहाल, अंतिम मोहर मुख्यमंत्री और गृह विभाग के स्तर पर लगनी बाकी है। जनता और प्रशासनिक महकमे की नजरें अब सरकार के आधिकारिक आदेश पर टिकी हैं।











