सचिन पायलट का केंद्र पर बड़ा हमला: “मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता का अपमान और गरीबों के पेट पर प्रहार”
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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सचिन पायलट का केंद्र पर बड़ा हमला: “मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता का अपमान और गरीबों के पेट पर प्रहार”
रायपुर | कांग्रेस के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्वरूप बदलने पर तीखा प्रहार किया है। रायपुर प्रवास के दौरान पायलट ने केंद्र के इस कदम को न केवल गरीबों के अधिकारों का हनन बताया, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने वाली एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
नाम बदलने पर गहरा आक्रोश
सचिन पायलट ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB-G RAM-G) करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा, “मनरेगा के नाम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना देश के आदर्शों और राष्ट्रपिता का अपमान है। यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है, जिसे वर्तमान सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते खत्म करना चाहती है।”
रायपुर में आंदोलन की रणनीति तैयार
आज रायपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में पायलट ने ‘सेव मनरेगा’ अभियान की समीक्षा की। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक लड़ेगी। 5 जनवरी से शुरू हुए इस देशव्यापी आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ के हर ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।
ग्रामीण सुरक्षा कवच को कमजोर करने का आरोप
पायलट ने आरोप लगाया कि VB-G RAM-G के माध्यम से सरकार 100 दिनों के संवैधानिक रोजगार के अधिकार को “खोखला” कर रही है। उन्होंने कहा कि नियमों में किए गए हालिया बदलावों के कारण लाभार्थियों को भुगतान में देरी और काम मिलने में कठिनाई हो रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों की आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारी
मनरेगा के मुद्दे के साथ-साथ सचिन पायलट ने आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें महत्वपूर्ण राज्यों में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत वे संगठन को मजबूत करने और केंद्र की “जनविरोधी” नीतियों के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रहे हैं।
पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी गरीबों के ‘हक की गारंटी’ को किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देगी और इस ‘ऐतिहासिक भूल’ के खिलाफ जनता को लामबंद करेगी।










