छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने लगभग 168 दिनों से जेल में बंद चैतन्य बघेल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने 1 जनवरी 2026 को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन्हें सशर्त रिहाई के निर्देश दिए हैं।
गिरफ्तारी और मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को उनके भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। विशेष बात यह थी कि उनकी गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन हुई थी, जिसे लेकर राज्य में काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था। यह मामला शराब नीति में अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने इस मामले में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने पीएमएलए (PMLA) 2002 के तहत कार्रवाई शुरू की।
कानूनी प्रक्रिया
चैतन्य बघेल की जमानत के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई। इससे पहले निचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अंततः याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद उन्हें जमानत प्रदान की।
जमानत की शर्तें
हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लागू की हैं। चैतन्य बघेल को जांच में सहयोग करना होगा और ED/EOW द्वारा भेजे गए समन पर पूछताछ के लिए उपस्थित होना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जमानत केवल अंतरिम राहत है और इसका अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है; मामले की जांच और ट्रायल नियमित रूप से जारी रहेगा।










