छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी: अंबिकापुर सबसे ठंडा, 20 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट

 छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी: अंबिकापुर सबसे ठंडा, 20 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी: अंबिकापुर सबसे ठंडा, 20 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट

रायपुर,छत्तीसगढ़ में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर संभागों के कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी की है।

प्रमुख जिलों का विस्तृत हाल

सरगुजा संभाग (अंबिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर):

यह संभाग ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित है। अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कई जगहों पर ओस जमने की भी खबर है। सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, यहाँ न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

दुर्ग संभाग (दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा, बेमेतरा):

दुर्ग जिला मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा रहा है, जहाँ तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे (लगभग 5.8 डिग्री) तक पहुंच गया था। मौसम विभाग ने इस संभाग में शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।

रायपुर संभाग (रायपुर, नवा रायपुर, गरियाबंद):

राजधानी रायपुर और आसपास के इलाके भी भीषण सर्दी की चपेट में हैं। माना एयरपोर्ट और नवा रायपुर क्षेत्र में रात का तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी कम है। यहां भी शीतलहर जैसे हालात हैं और अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड रहने का अनुमान है।

बिलासपुर संभाग (बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा):

बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। यहां भी तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ेगी।

बस्तर संभाग (जगदलपुर):

दक्षिण छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में तापमान लगभग 11.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। यहां ठंड मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन फिर भी मौसम ठंडा बना हुआ है।

मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही सर्द और शुष्क हवाएं वर्तमान ठंड का मुख्य कारण हैं। अगले 48 घंटों तक ठंड का सबसे कड़ा दौर रहने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह स्थिति पूरे दिसंबर महीने में बनी रहने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 और 9 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़े पहनें और अलाव का सहारा लें।