मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 3 दिसंबर को कैबिनेट बैठक, विधानसभा सत्र समेत कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 3 दिसंबर को कैबिनेट बैठक, विधानसभा सत्र समेत कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 3 दिसंबर को कैबिनेट बैठक, विधानसभा सत्र समेत कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 3 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक का आयोजन किया जाएगा। यह बैठक राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय के मंत्रिपरिषद कक्ष में सुबह 11 बजे शुरू होगी।

माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। एजेंडे में आगामी विधानसभा शीतकालीन सत्र की तारीखों और कार्यवाही को लेकर मंथन प्रमुख रहने की संभावना है। सरकार सुशासन और नीतिगत मामलों से जुड़े कुछ अन्य अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगा सकती है।

पिछली बैठक के मुख्य निर्णय: दलहन-तिलहन की खरीदी और विभागों का विलय

इससे पहले 14 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और किसान हितैषी फैसले लिए गए थे। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य कृषि व्यवस्था को सुचारू बनाना और सरकारी कामकाज में दक्षता लाना था:

1. समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी:

मंत्रिपरिषद ने खरीफ और रबी विपणन मौसम के दौरान दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी के लिए ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (प्राइस सपोर्ट स्कीम – पीएसएस) के तहत उपार्जन जारी रखने का निर्णय लिया।

योजना का लाभ: इस योजना के तहत खरीफ में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन, तथा रबी में चना, सरसों और मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है। मंडियों में सरकारी खरीदी की व्यवस्था से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना होती है।

2. शासकीय विभागों का पुनर्गठन (मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस):

सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया गया।

विलय: सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में मिला दिया गया।

संविलियन: बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में संविलियन कर दिया गया।

यह निर्णय “मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को लागू करने के उद्देश्य से लिया गया।

3. धान खरीदी हेतु शासकीय प्रत्याभूति (Guarantee):

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