जगदलपुर: मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर साइबर धोखाधड़ी की चेतावनी, पुलिस और निर्वाचन आयोग ने नागरिकों को किया सतर्क

 जगदलपुर: मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर साइबर धोखाधड़ी की चेतावनी, पुलिस और निर्वाचन आयोग ने नागरिकों को किया सतर्क

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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जगदलपुर: मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर साइबर धोखाधड़ी की चेतावनी, पुलिस और निर्वाचन आयोग ने नागरिकों को किया सतर्क

जगदलपुर: बस्तर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य जोरों पर है, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नागरिकों से गणना फॉर्म भरवा रहे हैं। इस प्रक्रिया में नागरिकों के सहयोग के बीच, राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस ने साइबर ठगी के संभावित खतरों को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे इस सरकारी कार्य की आड़ में होने वाली धोखाधड़ी का शिकार न बनें।

ओटीपी (OTP) मांगने वाले धोखेबाजों से सावधान

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि SIR फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना सुरक्षित है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की आवश्यकता नहीं होती है।

धोखाधड़ी का तरीका: कुछ साइबर अपराधी नागरिकों को फोन करके यह कह सकते हैं कि उनके SIR से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आया है और उसे साझा करने के लिए कह सकते हैं।

सतर्कता निर्देश: आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति फोन पर ओटीपी मांगे, तो उसे तुरंत मना कर दें।

रिपोर्ट करें: ऐसे कॉल करने वाले व्यक्तियों के बारे में तुरंत निर्वाचन कार्यालय या संबंधित बीएलओ (BLO) को सूचित करें। यदि कोई दबाव या धमकी देता है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस को जानकारी दें।

पुलिस ने भी की अपील, हेल्पलाइन नंबर जारी

पुलिस ने भी इस नई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी (स्कैम) के प्रति नागरिकों को आगाह किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त ओटीपी को किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।

नागरिक किसी भी जानकारी या सहायता के लिए राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल की हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, छत्तीसगढ़ के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल जैसे फेसबुक, एक्स (ट्विटर), और इंस्टाग्राम पर भी जुड़कर अपडेट रह सकते हैं।

जिला प्रशासन और पुलिस ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना डरे पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें, लेकिन साथ ही साइबर सुरक्षा के प्रति पूरी सावधानी बरतें।