तोमर परिवार को न्याय नहीं तो सरकार को भारी नुकसान’: करणी सेना अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत की चेतावनी; 7 दिसंबर को रायपुर में ‘स्वाभिमान महापंचायत’
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
*****************************
तोमर परिवार को न्याय नहीं तो सरकार को भारी नुकसान’: करणी सेना अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत की चेतावनी; 7 दिसंबर को रायपुर में ‘स्वाभिमान महापंचायत’
भिलाई/रायपुर: क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस-प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। भिलाई प्रवास के दौरान उन्होंने साफ कहा कि यदि सूदखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए वीरेंद्र तोमर और उनके परिवार को न्याय नहीं मिला, तो सरकार को इसका भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने ऐलान किया कि इस मामले में पुलिस की कथित बर्बरता और झूठे मामलों के विरोध में 7 दिसंबर को रायपुर में हजारों लोगों के साथ एक विशाल ‘क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत’ (Kshatriya Swabhiman Nyay Mahapanchayat) आयोजित की जाएगी।
जानिए क्या है पूरा मामला:
यह पूरा विवाद वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिन पर सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में कई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं। करणी सेना का आरोप है कि तोमर और उनके परिवार के खिलाफ पुलिस ने सत्ता के दबाव में आकर अमानवीय अत्याचार किए और झूठे मामले बनाए हैं। डॉ. शेखावत ने यहां तक आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत के दौरान वीरेंद्र तोमर की बेटी के कपड़े फाड़े गए और भाजपा सांसद व पुलिस अधिकारियों ने 5 करोड़ रुपये की मांग की।
पुलिस को दी थी धमकी, दी गिरफ्तारी:
इससे पहले, डॉ. शेखावत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस अधिकारियों को खुलेआम धमकी दी थी कि वे उन पुलिसकर्मियों के घर में घुसकर प्रदर्शन करेंगे जिन्होंने तोमर परिवार के खिलाफ कार्रवाई की है। इस भड़काऊ बयान के बाद रायपुर पुलिस ने डॉ. शेखावत के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी।
अपने दौरे के दौरान, डॉ. शेखावत बुधवार को रायपुर के मौदहापारा थाने पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दी, जहां उनके समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
7 दिसंबर को प्रदर्शन की रूपरेखा:
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घोषणा की है कि 7 दिसंबर को होने वाली ‘स्वाभिमान महापंचायत’ में छत्तीसगढ़ समेत देशभर से हजारों राजपूत और सर्व समाज के लोग जुटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और तोमर परिवार को न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन और उग्र होगा और सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।





