रायगढ़ के जंगल में ड्रोन ने रिकॉर्ड किया हाथियों की गतिविधि

 रायगढ़ के जंगल में ड्रोन ने रिकॉर्ड किया हाथियों की गतिविधि

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायगढ़ के जंगल में ड्रोन ने रिकॉर्ड किया हाथियों की गतिविधि

 

रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ और रायगढ़ वनमंडल के घने जंगलों में इन दिनों जंगली हाथियों की व्यापक गतिविधि देखी जा रही है। छाल रेंज से लेकर कुडुमकेला और देहरीडीह तक फैले जंगलों में हाथियों के कई झुंडों की मौजूदगी से वन विभाग अलर्ट मोड पर है। स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है, वहीं ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए लगातार मुनादी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस समय रायगढ़ जिले में कुल 152 हाथी विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिनमें अकेले रायगढ़ वनमंडल में 97 हाथी सक्रिय हैं।

इनमें से सबसे अधिक 42 हाथियों का दल घरघोड़ा रेंज के कुडुमकेला इलाके में देखा गया है, जबकि देहरीडीह क्षेत्र में 23 हाथी मौजूद हैं।छाल रेंज में भी 17 हाथियों की पुष्टि हुई है, जो फिलहाल शांत मूड में हैं, मगर उनके गांवों की ओर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। धरमजयगढ़ के स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथियों का दल बीती रात रायगढ़ की ओर गया है, लेकिन ऐसी संभावना है कि ये हाथी देर रात या सुबह के वक्त वापस अपने पुराने इलाके में लौट सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही वन विभाग मुनादी करता है, लोग खेतों के पास एकत्र हो जाते हैं ताकि फसलों की सुरक्षा की जा सके।

दो जिलों में 152 हाथियों की मौजूदगी

ताजा आंकड़ों के अनुसार, रायगढ़ और धरमजयगढ़ वनमंडलों में कुल 152 हाथी हैं। इनमें 73 मादा, 34 नर और 45 शावक शामिल हैं। रायगढ़ वनमंडल में 51 मादा, 20 नर और 26 शावक हैं, जबकि धरमजयगढ़ वनमंडल में 22 मादा, 14 नर और 19 शावक मौजूद हैं। वन विभाग इन सभी की मूवमेंट पर गहन नजर रखे हुए है।

कोरबा जिले में भी बढ़ी गतिविधि

इधर कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के केंदई, एतमानगर, झटका और पासान क्षेत्रों में भी 46 हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में घूम रहा है। केंदई में 14, एतमानगर में 17, झटका में 14 और पासान इलाके में 1 हाथी की उपस्थिति दर्ज की गई है। चूंकि ये हाथी घने जंगलों में हैं, इसलिए मानव बस्तियों पर तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन विभाग समय-समय पर अलर्ट जारी कर रहा है।

 

ड्रोन से निगरानी और गांव-गांव मुनादी

 

वन विभाग की टीमों ने हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन का सहारा लिया है, जिससे उनकी लोकेशन और मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है। वहीं बफर और फ्रिंज क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विभाग की ओर से हर उस गांव में मुनादी कराई जा रही है, जो हाथियों की राह में आ सकते हैं।

 

ग्रामीणों की चिंता बढ़ी, विभाग अलर्ट

 

अमलीडीह जैसे इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि जब हाथी गांव के करीब पहुंचते हैं, तो रात भर जागकर फसलों की निगरानी करनी पड़ती है। हालांकि वन विभाग द्वारा समय रहते सूचना दे दी जाती है, जिससे लोग पहले से तैयार हो जाते हैं।