छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र आज से, विपक्ष उठाएगा कई सवाल… पेश होगा अनुपूरक बजट
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
मानसून सत्र में सरकार द्वारा बड़ी घोषणा की उम्मीद है।
सत्र में 965 तारांकित व अतारांकित प्रश्न लगाए गए हैं।
इस सत्र में 50 से अधिक ध्यानाकर्षण पर भी चर्चा होगी।
रायपुर,, छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज शुरू हो रहा है। यह 26 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र में कुल पांच बैठकें होगी। राज्य सरकार पहले ही दिन इस सत्र के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी।



विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ होगी। सत्र के पहले ही दिन विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण मामले में काम रोको प्रस्ताव लाकर साय सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

कांग्रेस की देर शाम हुई विधायक दल की बैठक में लगभग हर दिन अलग-अलग विषयों पर काम रोको प्रस्ताव लाने की रणनीति बनी है। इसके अलावा कांग्रेस कानून व्यवस्था, खाद बीज का संकट, बस्तर में मुठभेड़, रेत के अवैध खनन, आरंग में हुई घटना जैसे मामलों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

50 से ज्यादा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक 965 तारांकित व अतारांकित प्रश्न लगाए गए हैं। इसके अलावा 50 से अधिक ध्यानाकर्षण भी लगाए गए हैं।

विधायक अजय चंद्राकर, भावना बोहरा कवर्धा के थाना पिपरिया स्थित गांव बिरकोना में एक किसान की हत्या के मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं विधायक हर्षिता बघेल राजनांदगांव में सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद निविदा नहीं होने पर लोक निर्माण मंत्री का ध्यान आकृष्ट करेंगे।

90 प्रतिशत सवाल ऑनलाइन पूछे गए
पांच दिवसीय सत्र में सरकार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक प्रस्तुत कर सकती हैं। साथ ही विपक्ष की ओर से कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है। विधानसभा कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 90 प्रतिशत सवाल ऑनलाइन पूछे गए हैं।

सरकार की ओर से इस मानसून सत्र में बड़ी घोषणा की उम्मीद की जा रही है। नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर रसोई गैस सब्सिडी को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।
गूंजेगा वनभूमि पट्टा और शिक्षकों की कमी का मामला
विधानसभा के प्रश्नोत्तर काल में पहले ही दिन वनभूमि पट्टा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को देय बीमा राशि, शिक्षकों की कमी का मुद्दा सदन में गूंजेगा। एक तरफ कांग्रेस विधायकों ने जहां सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है वहीं भाजपा के विधायकों ने पिछले सात महीने की साय सरकार की उपलब्धियों के साथ विपक्ष का सामना करने की तैयारी कर ली है।





